जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में शनिवार शाम से जारी मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा के 2 आतंकियों के मारे जाने की खबर सामने आई है। हालांकि सुरक्षाबलों ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मारे गए आतंकियों में पहलगाम हमले के बाद जारी 14 वांछित आतंकियों की सूची में शामिल जाकिर अहमद गनी भी है। बताया जा रहा है कि दूसरा आतंकी उसका साथी लतीफ भट था। दोनों लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर थे।
सूत्रों के अनुसार, जाकिर अहमद गनी उन 14 स्थानीय आतंकियों में शामिल था, जिनकी सूची पहलगाम आतंकी हमले के बाद खुफिया एजेंसियों ने जारी की थी। उस पर कई आतंकी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप था।
खुफिया सूचना के बाद शुरू हुआ ऑपरेशन
सुरक्षाबलों को शोपियां के सैदपोरा पायीन के पास छानपोरा इलाके में आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिली थी। इसके बाद सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ ने संयुक्त अभियान शुरू किया। जैसे ही जवान संदिग्ध ठिकाने के करीब पहुंचे, आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में मुठभेड़ शुरू हो गई।
रात में रोका गया अभियान
मुठभेड़ 4 जुलाई की शाम करीब 7:45 बजे शुरू हुई थी। अंधेरा बढ़ने के कारण रात में सर्च ऑपरेशन रोक दिया गया। फिलहाल इलाके में तलाशी अभियान जारी है। अभी तक आतंकियों के शव बरामद होने की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।विक्टर फोर्स ने संभाला मोर्चा
ऑपरेशन की शुरुआत तब हुई जब सेना के निगरानी कैमरों में मीमंदर इलाके के एक बाग में 2 संदिग्ध आतंकी दिखाई दिए। इसके बाद सेना की विशेष आतंकवाद विरोधी इकाई विक्टर फोर्स को तैनात किया गया। सुरक्षाबलों ने संभावित भागने के सभी रास्ते बंद कर दिए। साथ ही आसपास के 4 गांवों को एहतियात के तौर पर खाली कराया गया।
जाकिर पर कई हमलों में शामिल होने का आरोप
रिपोर्ट्स के मुताबिक जाकिर अहमद गनी कुलगाम जिले के मुतलहम गांव का रहने वाला था। उसका नाम पाकिस्तान समर्थित आतंकी गतिविधियों से भी जोड़ा जाता रहा है। अक्टूबर 2025 में उसके खिलाफ एनआईए कोर्ट से नोटिस जारी हुआ था। हाल ही में उसका नाम पहलगाम आतंकी हमले की जांच में भी सामने आया था।14 में से 9 आतंकियों के मारे जाने का दावा
यदि जाकिर अहमद गनी के मारे जाने की आधिकारिक पुष्टि होती है, तो पहलगाम हमले के बाद जारी 14 स्थानीय आतंकियों की सूची में शामिल 9 आतंकियों के मारे जाने का आंकड़ा हो जाएगा। इससे पहले मई 2025 में शोपियां और पुलवामा में हुए अलग-अलग एनकाउंटर में 6 आतंकियों को सुरक्षाबलों ने मार गिराया था। सुरक्षा एजेंसियां अब सूची में शामिल बाकी आतंकियों की तलाश में लगातार अभियान चला रही हैं।