स्मार्टवॉच की दुनिया में एक बहुत बड़ा बदलाव होने जा रहा है। टेक दिग्गज Google और Samsung मिलकर Wear OS (स्मार्टवॉच ऑपरेटिंग सिस्टम) के यूजर इंटरफेस (UI) को पूरी तरह से बदलने की तैयारी में हैं। आने वाले समय में आपकी गैलेक्सी वॉच और अन्य Wear OS वॉचेस में दिखने वाले पारंपरिक 'Tiles' पूरी तरह गायब हो जाएंगे और उनकी जगह 'Wear Widgets' ले लेंगे।
इस बड़े बदलाव की नींव हाल ही में Samsung के One UI 8 Watch अपडेट के साथ पड़ी। सैमसंग ने अपने इस नए अपडेट में एक बड़ा UI रीडिजाइन पेश किया, जिसने यूजर्स को कई सारे छोटे-छोटे विजिट्स (Widgets) को मिलाकर एक कस्टम टाइल बनाने की सुविधा दी।
सैमसंग के इसी कदम को आगे बढ़ाते हुए, Google ने भी अपनी हालिया डेवलपर कॉन्फ्रेंस (Google I/O) में Wear OS 7 की घोषणा की है। इस नए ऑपरेटिंग सिस्टम का सबसे मुख्य आकर्षण 'Wear Widgets' हैं, जिन्हें गूगल ने "टायल्स के विकास का अगला कदम" (Next step in the evolution of Tiles) बताया है।
नए Wear Widgets की खासियतें
दो शानदार साइज: ये विजिट्स मुख्य रूप से दो आकारों में आएंगे— स्मॉल (2×1) और लार्ज (2×2), जो दिखने में काफी आकर्षक और एक्सप्रेसिव होंगे।
विजुअल कंसिस्टेंसी: पूरी वॉच का इंटरफेस अब पहले से कहीं ज्यादा सुव्यवस्थित और एक जैसा (Consistent) नजर आएगा।
एक तीर से कई निशाने
गूगल के इस फैसले के पीछे एक बहुत बड़ी रणनीति है। नए 'Wear Widgets' को इस तरह डिजाइन किया गया है कि डेवलपर्स को हर डिवाइस के लिए अलग से मेहनत नहीं करनी पड़ेगी।
यूनिवर्सल कोडिंग: अब डेवलपर्स सिर्फ एक सिंगल विजेट डिजाइन तैयार करेंगे, जो आपकी स्मार्टवॉच, स्मार्टफोन, टैबलेट से लेकर Android Auto और Android Automotive से चलने वाली कारों की स्क्रीन पर भी पूरी तरह फिट बैठेगा। इससे डेवलपर्स का समय बचेगा और यूजर्स को हर स्क्रीन पर एक जैसा अनुभव मिलेगा।
क्या तुरंत बंद हो जाएंगे Tiles?
अगर आप सोच रहे हैं कि आपकी वॉच के पुराने टाइल्स अचानक गायब हो जाएंगे, तो ऐसा नहीं है। गूगल ने साफ किया है कि वह फिलहाल Tiles का सपोर्ट जारी रखेगा। इसके साथ ही गूगल एक नया फीचर 'Dynamic Service Switching' भी ला रहा है। यह फीचर स्थिति और जरूरत के हिसाब से एक ही टाइल के अलग-अलग लेआउट्स के बीच ऑटोमैटिकली स्विच कर सकेगा। लेकिन यह केवल एक ट्रांज़िशन पीरियड (बदलाव का दौर) है। गूगल का अंतिम लक्ष्य भविष्य में टाइल्स को पूरी तरह से हटाकर Wear Widgets पर शिफ्ट होना है।ऐपल को टक्कर देने की तैयारी
पिछले कुछ सालों से सैमसंग और गूगल मिलकर Wear OS को बेहतर बनाने पर काम कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों कंपनियों ने आपसी सहमति से यह फैसला लिया है ताकि एंड्रॉयड स्मार्टवॉच के अनुभव को Apple Watch की टक्कर का (या उससे भी बेहतर) बनाया जा सके। आने वाले महीनों में जब Wear OS 7 और One UI 8 Watch का रोलआउट बड़े पैमाने पर शुरू होगा, तो यूजर्स को अपनी कलाई पर एक बिल्कुल नया और बेहद आधुनिक अनुभव देखने को मिलेगा।
