राज्य शासन ने राजिमवासियों की वर्षों पुरानी मांग को पूरा करते हुए राजिम नगर पंचायत को नगर पालिका का दर्जा प्रदान कर दिया है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है। अब राजिम नगर पंचायत की वर्तमान सीमाएं ही नवगठित राजिम नगर पालिका की सीमाएं मानी जाएंगी। शासन के इस फैसले के बाद राजिम क्षेत्र में खुशी और उत्साह का माहौल है। स्थानीय लोगों ने इसे शहर के विकास और सुविधाओं के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम बताया है।
नगर पालिका बनने से नई गति
राजिम को नगर पालिका का दर्जा मिलने के बाद शहर के सुनियोजित विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है। नगर पालिका बनने से विकास कार्यों के लिए अधिक संसाधन और बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था उपलब्ध होगी। इससे शहर की बढ़ती जरूरतों को ध्यान में रखते हुए योजनाएं तैयार करने और उन्हें प्रभावी तरीके से लागू करने में मदद मिलेगी।
तेजी से पहुंचेगी सरकारी योजनाओं की सुविधा
नगर पालिका बनने के बाद राजिम में राज्य और केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन और अधिक प्रभावी तरीके से किया जा सकेगा। प्रशासनिक क्षमता बढ़ने से योजनाओं का लाभ अधिक संख्या में लोगों तक पहुंचाने में सहायता मिलेगी। इससे शहर के विकास के साथ-साथ नागरिक सुविधाओं में भी सुधार आने की संभावना है।
सुविधाओं के विस्तार को मिलेगा बढ़ावा
उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने राजिम नगर पंचायत के नगर पालिका में उन्नयन पर कहा कि राज्य शासन के इस निर्णय से राजिम के विकास को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने कहा कि नगर पालिका बनने के बाद सड़क निर्माण, नाली व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति, स्वच्छता व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट, उद्यान विकास और सामुदायिक भवन जैसी मूलभूत सुविधाओं के विस्तार को और अधिक गति मिलेगी।
विकास की राह होगी और मजबूत
राजिम धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र है। नगर पालिका का दर्जा मिलने से शहर के विकास को नई पहचान मिलने की उम्मीद है। बेहतर नगरीय प्रबंधन और बढ़ते संसाधनों के साथ राजिम आने वाले वर्षों में आधुनिक सुविधाओं से युक्त विकसित शहर के रूप में आगे बढ़ सकेगा।