बिहार की राजधानी पटना के शैक्षणिक गलियारे से उपजा विवाद अब पूरी तरह से विधिक और न्यायिक प्रक्रिया के केंद्र में आ चुका है। पटना के चर्चित कोचिंग संस्थान 'खान ग्लोबल स्टडीज' पर हुए हमले, तोड़फोड़ और तत्पश्चात हुई फायरिंग के मामले में संस्थान के मुख्य संचालक फैजल खान, जो 'खान सर' के नाम से विख्यात हैं, को स्थानीय जिला अदालत से एक बड़ी तात्कालिक राहत प्राप्त हुई है।
मंगलवार (9 जून) को खान सर की अग्रिम जमानत याचिका पर विचार करते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने उनकी गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दी है। न्यायालय का यह आदेश उस समय आया है जब पुलिस विगत पांच दिनों से उनके संभावित ठिकानों पर निरंतर छापेमारी कर रही थी और उनके संदर्भ में विभिन्न प्रकार की अटकलें लगाई जा रही थीं। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम पर पुलिस प्रशासन की ओर से अब तक कोई भी आधिकारिक वक्तव्य जारी नहीं किया गया है।
न्यायालय में जमानत का तीखा विरोध
सुनवाई के दौरान विपक्षी पक्ष यानी 'ज्ञानबिंदु कोचिंग इंस्टीट्यूट' के विधिक प्रतिनिधियों (वकील) ने खान सर की अग्रिम जमानत याचिका का पुरजोर विरोध किया। अदालत के समक्ष दलील देते हुए अधिवक्ता ने तर्क दिया कि उक्त घटना के दौरान की गई फायरिंग आकस्मिक नहीं, बल्कि पूर्णतः इरादतन और सुनियोजित थी। इस गंभीर आरोप के बीच, इसी मामले से संबद्ध सुरक्षाकर्मियों (सिक्योरिटी गार्ड्स) की जमानत याचिका पर भी न्यायालय ने सोमवार (8 जून) को मैराथन सुनवाई के बाद अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया था, जिस पर आज फैसला आना संभावित है।
क्या है संपूर्ण घटनाक्रम?
विवाद की पृष्ठभूमि गत 2 जून की है, जब पटना स्थित 'खान ग्लोबल स्टडीज' संस्थान पर असामाजिक तत्वों द्वारा हमला और तोड़फोड़ की गई थी। इस घटना का प्राथमिक आरोप 'ज्ञानबिंदु कोचिंग इंस्टीट्यूट' के संचालक रोशन आनंद पर लगा, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रोशन आनंद सहित तीन संलिप्त व्यक्तियों को हिरासत में ले लिया था।मामले ने उस समय एक नया मोड़ ले लिया जब ज्ञानबिंदु कोचिंग की ओर से एक वीडियो साक्ष्य के रूप में सार्वजनिक किया गया। इस वीडियो में खान सर के निजी सुरक्षाकर्मी (सिक्योरिटी गार्ड्स) हथियार से फायरिंग करते हुए दृष्टिगोचर हो रहे थे। साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने फैजल खान (खान सर) के विरुद्ध शस्त्र अधिनियम (आर्म्स एक्ट) के तहत मामला पंजीकृत किया था, जिसके बाद से ही वे विधिक संरक्षण की तलाश में थे। फिलहाल, अदालत के इस हस्तक्षेप के बाद मामले में एक नया मोड़ आ गया है।
