Sunday, 31 May 2026 भारत
ब्रेकिंग
डेथ ट्रैप : टेक्सास में रोलर कोस्टर थमा, 100 फीट ऊपर उल्टा लटके रहे 8 स्कूली बच्चे ऑपरेशन आघात का प्रहार : अवैध महुआ शराब कारोबार पर पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई, आरोपी गिरफ्तार हत्याकांड : ब्लैकमेलिंग से परेशान महिला ने पति-देवर संग मिलकर युवक की हत्या शराब तस्करी : दुर्ग में अवैध शराब पर पुलिस का बड़ा प्रहार, अवैध शराब ले जा रहे दो आरोपी गिरफ्तार हादसा : बेंगलुरु के पर्यटकों की कार खाई में गिरी, बच्चों समेत 8 की मौत कार्रवाई : हीराकुड एक्सप्रेस से मिला 10 किलो गांजा डेथ ट्रैप : टेक्सास में रोलर कोस्टर थमा, 100 फीट ऊपर उल्टा लटके रहे 8 स्कूली बच्चे ऑपरेशन आघात का प्रहार : अवैध महुआ शराब कारोबार पर पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई, आरोपी गिरफ्तार हत्याकांड : ब्लैकमेलिंग से परेशान महिला ने पति-देवर संग मिलकर युवक की हत्या शराब तस्करी : दुर्ग में अवैध शराब पर पुलिस का बड़ा प्रहार, अवैध शराब ले जा रहे दो आरोपी गिरफ्तार हादसा : बेंगलुरु के पर्यटकों की कार खाई में गिरी, बच्चों समेत 8 की मौत कार्रवाई : हीराकुड एक्सप्रेस से मिला 10 किलो गांजा
W 𝕏 f
होम सरकारी सूचना किसानों को बड़ी राहत :  कोरबा में खाद-बीज पर्याप्…
खाद-बीज भंडारण और वितरण की तैयारी करते कृषि विभाग
खाद-बीज भंडारण और वितरण की तैयारी करते कृषि विभाग
सरकारी सूचना

किसानों को बड़ी राहत :  कोरबा में खाद-बीज पर्याप्त, प्रशासन सख्त मोड में 

कोरबा जिले में खरीफ 2026 के लिए खाद और बीज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। कृषि विभाग के अनुसार जिले में पर्याप्त भंडारण मौजूद है और किसानों को किसी भी तरह की कमी नहीं होने दी जाएगी। कलेक्टर ने खाद-बीज वितरण में अनियमितता और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने के लिए जैविक और हरी खाद जैसे ढैंचा, मूंग और नील

कीर्तिमान डेस्क
कीर्तिमान डेस्क
31 May 2026, 05:56 PM
रायपुर

भारत सरकार और राज्य शासन के निर्देशानुसार कोरबा जिले में खरीफ वर्ष 2026 के लिए किसानों को गुणवत्तायुक्त एवं पर्याप्त मात्रा में खाद और बीज उपलब्ध कराने की तैयारी तेज कर दी गई है। कृषि विभाग के उप संचालक डी.पी.एस. कंवर ने स्पष्ट किया है कि जिले में खाद-बीज का पर्याप्त भंडारण है और किसी भी किसान को कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा। कलेक्टर कोरबा कुणाल दुदावत ने उर्वरक भंडारण और वितरण व्यवस्था पर सख्त निगरानी के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत कठोर कानूनी व दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने के लिए जैविक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। नील हरित काई, ढैंचा और मूंग जैसी हरी खाद फसलों के उपयोग पर जोर है। ढैंचा बीज 8 किलोग्राम प्रति एकड़ और मूंग बीज 4 किलोग्राम प्रति एकड़ की दर से किसानों को वितरित किया जा रहा है। नील हरित काई का उत्पादन कृषि विज्ञान केंद्र लखनपुर, कृषि महाविद्यालय कटघोरा, शासकीय उद्यान रोपणी पत्ताड़ी और चिन्हित खेतों में किया जा रहा है। वैज्ञानिक अनुशंसाओं के आधार पर एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन को बढ़ावा दिया जा रहा है।

 खाद-बीज भंडारण के ताजा आंकड़े

जिले में सहकारी समितियों के लिए 12,700 मीट्रिक टन का लक्ष्य निर्धारित है, जिसके विरुद्ध 7,132.58 मीट्रिक टन (56.16%) उर्वरक भंडारित किया जा चुका है। अब तक 1,129.94 मीट्रिक टन का वितरण हो चुका है, जबकि 6,002.64 मीट्रिक टन स्टॉक उपलब्ध है।नैनो उर्वरक का कुल 11,886 लीटर भंडारण किया गया था, जिसमें से 483.50 लीटर वितरित हो चुका है और 11,402.50 लीटर उपलब्ध है।

 जांच अभियान तेज

किसानों को उचित मूल्य और गुणवत्तापूर्ण खाद उपलब्ध कराने के लिए लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। 1 अप्रैल 2026 से अब तक 115 विक्रय केंद्रों की जांच की गई है। इस दौरान 28 केंद्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, 8 केंद्रों के लाइसेंस/बिक्री पर रोक लगाई गई है, जबकि एक केंद्र से 58 बोरी यूरिया जब्त किया गया है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि कालाबाजारी और अनियमितता पर आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

किसानों को राहत का भरोसा

र्याप्त भंडारण मौजूद है और किसी भी किसान को कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा।भारत सरकार और राज्य शासन के निर्देशानुसार कोरबा जिले में खरीफ वर्ष 2026 के लिए किसानों को गुणवत्तायुक्त और पर्याप्त मात्रा में खाद एवं बीज उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। कृषि विभाग के उप संचालक डी.पी.एस. कंवर ने स्पष्ट किया है कि जिले में खाद-बीज का प

लापरवाही पर होगी कठोर कार्रवाई

कलेक्टर कोरबा कुणाल दुदावत ने उर्वरक भंडारण और वितरण व्यवस्था पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा है कि किसी भी प्रकार की अनियमितता, कालाबाजारी या लापरवाही पाए जाने पर उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत कठोर कानूनी एवं दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। मिट्टी की उर्वरता और गुणवत्ता सुधारने के लिए जैविक खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है। नील हरित काई, ढैंचा और मूंग जैसी हरी खाद फसलों के उपयोग पर विशेष जोर दिया गया है। किसानों को ढैंचा बीज 8 किलोग्राम प्रति एकड़ और मूंग बीज 4 किलोग्राम प्रति एकड़ की दर से उपलब्ध कराया जा रहा है।

किसानों पर कोई दबाव नहीं

वैज्ञानिक अनुशंसाओं के आधार पर एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन को बढ़ावा दिया जा रहा है। रासायनिक, जैविक और हरी खाद के संतुलित उपयोग पर जोर है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का उपयोग पूरी तरह वैकल्पिक है और किसी भी किसान को इसे लेने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा।इसके साथ ही नील हरित काई का उत्पादन कृषि विज्ञान केंद्र लखनपुर, कृषि महाविद्यालय कटघोरा, शासकीय उद्यान रोपणी पत्ताड़ी तथा चिन्हांकित किसानों के खेतों में किया जा रहा है।

क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
गाइए और छा जाइए
भारत
छत्तीसगढ़
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग
दुर्ग संभाग
बिलासपुर संभाग
सरगुजा संभाग
बस्तर संभाग
सरकारी सूचना विदेश राजनीति
मनोरंजन
खेल
तकनीक
कारोबार
शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल
कलमकार
ग्लैमर
डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें