Sunday, 18 Oct 2026 भारत
ब्रेकिंग
Korba Road Accident: धार्मिक कार्यक्रम में जा रही दो महिलाओं की सड़क हादसे में मौत, अन्य घायल Fake Transfer Order Scam: जाली हस्ताक्षर और लेटरहेड से 19 शिक्षकों का तबादला, लोक शिक्षण संचालनालय ने मांगी जानकारी CJP: गोवा में प्रदर्शन के दौरान आपत्तिजनक नारेबाजी, 300 से अधिक अज्ञात लोगों पर FIR दर्ज Crime News: मासूम को ले जाने की कोशिश का विरोध पड़ा भारी, चाकू के हमले में दादी की मौत Raipur Crime News: खाकी का खौफ दिखाकर लूटने वाले दो फर्जी पुलिस वाले गिरफ्तार, बेल्ट से पीटकर छीना था मोबाइल और गाड़ी की चाबी Gold Smuggling: छत्तीसगढ़ बना सोना तस्करी का नया रूट, 62 करोड़ का सोना जब्त होने के बाद जांच एजेंसियां अलर्ट Korba Road Accident: धार्मिक कार्यक्रम में जा रही दो महिलाओं की सड़क हादसे में मौत, अन्य घायल Fake Transfer Order Scam: जाली हस्ताक्षर और लेटरहेड से 19 शिक्षकों का तबादला, लोक शिक्षण संचालनालय ने मांगी जानकारी CJP: गोवा में प्रदर्शन के दौरान आपत्तिजनक नारेबाजी, 300 से अधिक अज्ञात लोगों पर FIR दर्ज Crime News: मासूम को ले जाने की कोशिश का विरोध पड़ा भारी, चाकू के हमले में दादी की मौत Raipur Crime News: खाकी का खौफ दिखाकर लूटने वाले दो फर्जी पुलिस वाले गिरफ्तार, बेल्ट से पीटकर छीना था मोबाइल और गाड़ी की चाबी Gold Smuggling: छत्तीसगढ़ बना सोना तस्करी का नया रूट, 62 करोड़ का सोना जब्त होने के बाद जांच एजेंसियां अलर्ट
W 𝕏 f
होम › राष्ट्रीय › मामला पहुंचा हाईकोर्ट : वीडियो वायरल होने के बाद …
एनकाउंटर मामला पहुंचा हाईकोर्ट में
एनकाउंटर मामला पहुंचा हाईकोर्ट में
राष्ट्रीय

मामला पहुंचा हाईकोर्ट : वीडियो वायरल होने के बाद भी क्यों नहीं किया गिरफ्तार? जनहित याचिका में पुलिस पर उठाए गंभीर सवाल

भोजपुर के चर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर पटना हाईकोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है। यह याचिका अधिवक्ता मुकेश कुमार की ओर से दाखिल की गई है। उन्होंने मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए मुख्य न्यायाधीश मीनाक्षी मदन राय की खंडपीठ के समक्ष इस केस पर तुरंत सुनवाई करने की गुहार लगाई है।

व
प्रकाशित: 22 Jun 2026, 04:30 PM · अपडेट: 07 Oct 2026, 02:04 PM
भोजपुर
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश

बिहार के भोजपुर में हुए चर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। इस कथित पुलिस मुठभेड़ की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पुलिसकर्मियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग को लेकर पटना हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका यानी पीआईएल (PIL) दाखिल की गई है। यह याचिका जाने-माने वकील मुकेश कुमार की ओर से दायर की गई है। उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए चीफ जस्टिस यानी मुख्य न्यायाधीश मीनाक्षी मदन राय की बेंच के सामने इस केस पर बहुत जल्द सुनवाई करने की गुहार भी लगाई है।

वायरल वीडियो का हवाला, गिरफ्तारी पर उठे बड़े सवाल

अदालत में दायर इस याचिका में पुलिस की थ्योरी पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। याचिकाकर्ता का कहना है कि एनकाउंटर से ठीक पहले भरत भूषण तिवारी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था, जिसमें वह हाथ में हथियार लहराता हुआ दिख रहा था। वकील ने कोर्ट में सवाल उठाया कि जब पुलिस के पास आरोपी के बारे में पहले से पूरी जानकारी और पुख्ता सूचना थी, तो उसे जिंदा गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया? याचिका में यह भी कहा गया है कि पुलिस ने कोई हथियार बरामद करने की कोशिश भी नहीं की और अगले ही दिन युवक की मुठभेड़ में मौत हो गई, जो पूरी कहानी को संदिग्ध बनाता है।

सरेंडर के बाद भी गोली मारने का आरोप

अधिवक्ता मुकेश कुमार का सीधा दावा है कि पहली नजर में यह मामला सीधे-सीधे हत्या (murder) का लगता है, इसलिए इसकी पूरी तरह से स्वतंत्र जांच होनी बेहद जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब युवक आत्मसमर्पण यानी सरेंडर करने के लिए तैयार था, तो उस पर गोली क्यों चलाई गई? इस बात की जवाबदेही तय होनी चाहिए और जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज होनी चाहिए। दूसरी तरफ पुलिस अपने दावे पर अड़ी है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि भरत भूषण की तरफ से करीब 10-12 राउंड गोलियां चलाई गई थीं, जिसके बाद पुलिस को अपनी रक्षा में जवाबी फायरिंग करनी पड़ी।

पांच पुलिसकर्मी सस्पेंड, रिटायर्ड जज से जांच की घोषणा अटकी

इस हाई-प्रोफाइल घटना के बाद मचे बवाल को देखते हुए शुरुआती जांच के आधार पर शाहपुर थाना प्रभारी समेत चार अन्य पुलिसकर्मियों को सस्पेंड (suspended) कर दिया गया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए राज्य सरकार ने इस पूरे एनकाउंटर कांड की जांच हाईकोर्ट के किसी रिटायर्ड जज से कराने का बड़ा एलान तो किया है, लेकिन याचिकाकर्ता का कहना है कि इस घोषणा को लेकर अभी तक कोई सरकारी कागजी आदेश यानी औपचारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है। अब इस मामले में अगली नजर पटना हाईकोर्ट के रुख पर टिकी हुई है।

क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
इस लेख में कोई त्रुटि दिखी? सुधार का अनुरोध करें
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
छत्तीसगढ़ ▾
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग ▾
दुर्ग संभाग ▾
बिलासपुर संभाग ▾
सरगुजा संभाग ▾
बस्तर संभाग ▾
देश ▾
विदेश
सरकारी सूचना ▾
राजनीति ▾
खेल ▾
मनोरंजन ▾
कारोबार ▾
कीर्तिमान विशेष ▾
तकनीक शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
अभी कोई रील उपलब्ध नहीं है
टिप्पणियाँ
शेयर करें
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें