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english m dijiye Video Conferencing Hearing at Durg Court(Image Source: CGDPR)
english m dijiye Video Conferencing Hearing at Durg Court(Image Source: CGDPR)
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Digital Justice System: तकनीक से आसान हुई न्यायिक प्रक्रिया, दुर्ग न्यायालय में VC से हुई सुनवाई

Digital Justice System: दुर्ग के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जमानत आवेदन पर सुनवाई कर उसका निराकरण किया गया। साथ ही मुंबई और चेन्नई में रहने वाले महत्वपूर्ण गवाहों के बयान और प्रतिपरीक्षण की कार्यवाही भी पूरी की गई।

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प्रकाशित: 16 Oct 2026, 05:58 PM · अपडेट: 16 Oct 2026, 06:00 PM · 3 मिनट पढ़ने का समय
रायपुर
स्रोत: PIB
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
Digital Justice System: न्याय पाने के लिए दूरी बाधा न बने और न्यायिक प्रक्रिया समय तथा संसाधनों के लिहाज से अधिक सुगम हो - इसी उद्देश्य से प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय, दुर्ग में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक जमानत आवेदन पर सुनवाई कर उसका निराकरण किया गया, वहीं मुंबई और चेन्नई में मौजूद महत्वपूर्ण गवाहों के बयान एवं प्रतिपरीक्षण की कार्यवाही भी पूरी कराई गई।
यह पहल न्यायिक कार्यों में तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने तथा न्यायिक प्रक्रिया को अधिक सुलभ और प्रभावी बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का हिस्सा है, एक प्रकरण में अधिवक्ताओं ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से न्यायालय के समक्ष उपस्थित होकर जमानत आवेदन पर अपना पक्ष रखा। न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आवेदन का विधिवत निराकरण किया, इस व्यवस्था से अधिवक्ताओं को वर्चुअल माध्यम से कार्यवाही में भाग लेने की सुविधा मिली और आवागमन में लगने वाले समय एवं संसाधनों की बचत में सहायता मिली।

मुंबई और चेन्नई से जुड़े गवाहों के दुर्ग न्यायालय में दर्ज हुए साक्ष्य

एक अन्य विचारणाधीन प्रकरण में मुंबई और चेन्नई में निवासरत महत्वपूर्ण गवाहों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से न्यायिक कार्यवाही से जोड़ा गया, निर्धारित तकनीकी एवं विधिक प्रक्रियाओं का पालन करते हुए उनके बयान दर्ज किए गए तथा प्रतिपरीक्षण की कार्यवाही पूरी कराई गई। इससे लंबी दूरी की यात्रा से जुड़ी कठिनाइयों को कम करने और साक्ष्य दर्ज करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में सुविधा मिली। न्यायिक प्रक्रिया में तकनीक का वास्तविक लाभ तभी व्यापक रूप से सामने आता है, जब नागरिकों और संबंधित हितधारकों को इसकी उपलब्ध सुविधाओं तथा उपयोग के तरीकों की जानकारी हो।

दुर्ग में डिजिटल न्याय के लिए जागरूकता अभियान

इसी दृष्टिकोण के तहत प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग के. विनोद कुजूर के मार्गदर्शन तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग के सचिव उमेश कुमार भागवतकर के निर्देशन में प्राधिकरण द्वारा डिजिटल माध्यमों और तकनीकी संसाधनों के उपयोग के प्रति नागरिकों को जागरूक करने के लिए विभिन्न प्रयास किए जा रहे हैं।इन प्रयासों के अंतर्गत आम नागरिकों, अधिवक्ताओं, पक्षकारों तथा अन्य संबंधित हितधारकों तक विभिन्न माध्यमों से पहुँचकर विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। 

डिजिटल न्याय और विधिक सहायता के प्रति जागरूकता पर जोर

इसका उद्देश्य नागरिकों को न्यायिक एवं विधिक सेवाओं की उपलब्ध सुविधाओं से परिचित कराना, तकनीक के प्रभावी उपयोग के प्रति जागरूक बनाना तथा पात्र व्यक्तियों को विधिक सहायता और न्याय तक पहुँचने के उपलब्ध माध्यमों की जानकारी देना है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग का यह प्रयास न्यायिक संस्थाओं और आम नागरिकों के बीच संवाद को मजबूत करने तथा डिजिटल न्याय व्यवस्था के लाभों को अधिकाधिक लोगों तक पहुँचाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
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