खुलासा : रेत खदान विवाद से जुड़े तिहरे हत्याकांड में चार और आरोपी पहुंचे पुलिस की शरण में
कोरिया जिले के सोनहत ब्लॉक के नौगई गांव में भाजपा नेता भारत सिंह उर्फ लल्ला सिंह समेत तीन लोगों को कार में जिंदा जलाकर हत्या किए जाने के चर्चित मामले में चार आरोपियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। इससे पहले चार आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जबकि एक आरोपी अभी भी फरार है।
कोरिया जिले के सोनहत ब्लॉक स्थित नौगई गांव में भाजपा नेता समेत तीन लोगों की जिंदा जलाकर हत्या किए जाने के चर्चित मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। इस मामले में चार आरोपियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है। हालांकि एक आरोपी अभी भी फरार बताया जा रहा है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
पुलिस के अनुसार आत्मसमर्पण करने वाले आरोपियों में मनोज त्रिपाठी, अमन त्रिपाठी, आशुतोष त्रिपाठी और निशांत त्रिपाठी शामिल हैं। इससे पहले पुलिस इस मामले में चार अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। अब तक कुल आठ आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं।
16 जून की रात हुई थी दिल दहला देने वाली वारदात
16 जून की रात नौगई गांव में हुई इस वारदात ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया था। आरोपियों ने भाजपा नेता भारत सिंह उर्फ लल्ला सिंह समेत तीन लोगों को कार के अंदर पेट्रोल डालकर आग के हवाले कर दिया था। घटना इतनी भयावह थी कि कार में मौजूद लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। घटना में भाजपा नेता भारत सिंह उर्फ लल्ला सिंह की मौके पर ही मौत हो गई थी। वहीं गंभीर रूप से घायल वीरेंद्र सिंह ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस पूरे घटनाक्रम में अन्य घायल लोगों को पहले अंबिकापुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए रायपुर रेफर किया गया।
रेत कारोबार को लेकर पुरानी रंजिश की चर्चा
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह खूनी संघर्ष रेत खदान और ठेकेदारी से जुड़े विवाद का परिणाम माना जा रहा है। क्षेत्र में लंबे समय से रेत कारोबार को लेकर दो पक्षों के बीच तनाव और प्रतिस्पर्धा बनी हुई थी। पुलिस इस पहलू को भी जांच के दायरे में रखकर मामले की पड़ताल कर रही है।
पुलिस ने इस तिहरे हत्याकांड में कुल नौ लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। इनमें से अधिकांश आरोपी गिरफ्तार या आत्मसमर्पण कर चुके हैं। हालांकि जांच एजेंसियां अभी तक मामले के सभी पहलुओं का आधिकारिक खुलासा नहीं कर रही हैं और साक्ष्य जुटाने का काम जारी है।
गांव के पास संचालित होता था रेत खदान और क्रेशर
मृतक भारत सिंह उर्फ लल्ला सिंह बैकुंठपुर के महलपारा क्षेत्र के निवासी थे। उनका गांव जिला मुख्यालय से करीब 13 किलोमीटर दूर स्थित है। वे क्षेत्र में गिट्टी क्रेशर का संचालन करते थे और गांव के पास रेत खदान भी लीज पर लेकर उसका कारोबार कर रहे थे। इसके साथ ही वे भाजपा से जुड़े सक्रिय नेता के रूप में भी पहचाने जाते थे। स्थानीय लोगों के अनुसार घटना वाले दिन लल्ला सिंह के समर्थकों और त्रिपाठी परिवार के लोगों के बीच विवाद हुआ था। बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच रेत कारोबार और ठेकेदारी को लेकर लंबे समय से खींचतान चल रही थी। इसी रंजिश ने बाद में हिंसक रूप ले लिया और तीन लोगों की जान चली गई।
फरार आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस लगातार जांच कर रही है। आत्मसमर्पण और गिरफ्तारियों के बाद अब पुलिस का पूरा ध्यान फरार आरोपी की तलाश पर है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। साथ ही घटना से जुड़े सभी तथ्यों को सामने लाने के लिए जांच जारी है।