दुर्ग जिले के अंडा थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले ग्राम खाड़ा में दोस्तों के बीच हुआ मामूली विवाद देखते ही देखते हिंसक झगड़े में बदल गया, जिसमें 43 वर्षीय शंभू निषाद की मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है, जबकि पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
मृतक शंभू निषाद रोज़गार के लिए अहमदाबाद में रहकर वेल्डिंग का काम करता था। वह लगभग 15 दिन पहले ही अपने पैतृक गांव आया था ताकि पत्नी, दो बेटियों और एक बेटे के साथ समय बिता सके। परिजनों के अनुसार, वह पूरी तरह सामान्य था और परिवार से मिलने के बाद गांव में ही रह रहा था।
रात में शराब पीने के दौरान बढ़ा विवाद
12 अप्रैल की रात करीब 10 बजे शंभू अपने परिचित संतोष यादव और रोहित यादव के घर गया था। तीनों ने साथ बैठकर शराब पी। इसी दौरान गांव की आबादी जमीन को लेकर बातचीत शुरू हुई, जो धीरे-धीरे विवाद में बदल गई। बताया जाता है कि शंभू ने विवाद को शांत करने और मामले को सरपंच के पास ले जाने की सलाह दी थी, लेकिन यह बात दोनों आरोपियों को नागवार गुजरी।
मारपीट के बाद बिगड़ी हालत, मौत
विवाद बढ़ने पर संतोष यादव और रोहित यादव ने शंभू के साथ मारपीट कर दी। मारपीट के बाद दोनों ने ही परिजनों को सूचना दी, जिसके बाद उसे घर लाया गया। उस समय वह सामान्य दिख रहा था, लेकिन अंदरूनी चोटों के कारण वह सो गया और सुबह नहीं उठ पाया। परिजन उसे तुरंत दुर्ग जिला अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही अंडा थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच शुरू की। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है।
मुख्य आरोपी संतोष यादव को कोनारी गांव के पास से और दूसरे आरोपी रोहित यादव को उतई क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया है। दोनों से पूछताछ जारी है और घटना के पीछे के कारणों की गहराई से जांच की जा रही है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
पुलिस फिलहाल शव का पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने का इंतजार कर रही है, जिससे मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सके। प्रारंभिक जांच में यह मामला आपसी विवाद और नशे में हुई मारपीट का बताया जा रहा है, लेकिन पुलिस हर पहलू पर जांच कर रही है।
