फिर डोली धरती : उत्तर-पूर्वी तट पर 6.1 तीव्रता का जोरदार भूकंप, लोगों में बढ़ी भूस्खलन की दहशत
रविवार सुबह जापान के उत्तर-पूर्वी तटीय क्षेत्र में 6.1 तीव्रता का भूकंप आया। इवाते प्रांत के पास समुद्र में आए इस भूकंप के झटके आओमोरी समेत कई इलाकों में महसूस किए गए। फिलहाल किसी बड़े नुकसान या सुनामी की चेतावनी नहीं है, लेकिन लगातार आ रहे भूकंपों के कारण भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है और प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।
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कीर्तिमान न्यूज
28 Jun 2026, 07:53 AM
टोक्यो
प्रकृति के सबसे संवेदनशील इलाकों में शुमार जापान एक बार फिर तेज भूकंप के झटकों से कांप उठा है। रविवार सुबह देश के उत्तर-पूर्वी तटीय इलाके में रिक्टर पैमाने पर 6.1 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप दर्ज किया गया।
जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) के मुताबिक, भूकंप का केंद्र इवाते प्रांत के पास समुद्र में जमीन से करीब 40 किलोमीटर की गहराई पर था। सुबह-सुबह आए इन तेज झटकों ने न सिर्फ इवाते बल्कि इसके पड़ोसी प्रांत आओमोरी और आसपास के कई अन्य क्षेत्रों को भी हिलाकर रख दिया। हालांकि, राहत की बात यह रही कि प्रशासन की ओर से सुनामी को लेकर कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। स्थानीय समयानुसार सुबह ठीक 7:25 बजे जब लोग अपने दिन की शुरुआत कर रहे थे, तभी धरती हिलने से अफरा-तफरी मच गई।
बढ़ गया है भूस्खलन का खतरा
शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, इस भूकंप से फिलहाल किसी बड़े नुकसान या किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। लेकिन लगातार आ रहे इन झटकों ने स्थानीय निवासियों की राहत कार्य रातों की नींद उड़ा दी है। पिछले कुछ दिनों से जारी इस सिलसिले के कारण अब पहाड़ी इलाकों में भारी भूस्खलन (लैंडस्लाइड) का खतरा बेहद बढ़ गया है, जिससे लोग दहशत में हैं। जापान के लिए बीता पूरा हफ्ता भूगर्भीय हलचलों से भरा रहा है। मौसम एजेंसी ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में अभी और भी तेज झटके महसूस किए जा सकते हैं।
अगर पिछले कुछ दिनों के आंकड़ों पर नजर डालें, तो स्थिति की गंभीरता को समझा जा सकता है:
गुरुवार का बड़ा झटका: इसी क्षेत्र के पास 7.2 तीव्रता का एक बेहद शक्तिशाली भूकंप आया था। शुरुआत में वैज्ञानिकों ने इसकी तीव्रता कम आंकी थी, लेकिन बाद में डेटा की समीक्षा के बाद इसे संशोधित कर 7.2 किया गया।
शुक्रवार की हलचल: प्रसिद्ध माउंट फूजी के पास और टोक्यो के ठीक पश्चिम में स्थित यामानाशी प्रांत भी शुक्रवार को 5.6 तीव्रता के भूकंप से दहल उठा था।
विशेषज्ञों का मानना है कि पैसिफिक 'रिंग ऑफ फायर' पर स्थित होने के कारण जापान में भूकंप आना आम बात है, लेकिन एक ही हफ्ते के भीतर अलग-अलग हिस्सों में पांच और सात की तीव्रता के बीच इतने झटके आना किसी बड़े खतरे का संकेत भी हो सकता है। फिलहाल प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है।