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चंदा चोरी का हल्ला : अयोध्या के बाद अब बदरीनाथ धाम का मामला, सोशल मीडिया पर लगे गंभीर आरोप

बदरीनाथ धाम में दान और चढ़ावे की रकम में कथित हेरफेर के आरोप सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने मामले की जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित कर दी है। समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है तथा जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी।

अप्पू धीवर |  कीर्तिमान न्यूज
प्रकाशित: 04 Jul 2026, 11:43 AM · अपडेट: 02 Oct 2026, 09:26 PM
देहरादून
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
अयोध्या के राम मंदिर में कथित चंदा चोरी का विवाद अभी पूरी तरह थमा भी नहीं था कि देश के एक और बड़े आस्था के केंद्र से हैरान करने वाली खबर सामने आ रही है। भू-वैकुंठ कहे जाने वाले पवित्र बदरीनाथ धाम में चढ़ावे और दान-पुण्य की रकम में हेरफेर के गंभीर आरोप लगे हैं। 
सोशल मीडिया पर मामला वायरल होने के बाद बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) तुरंत एक्शन में आ गई है और पूरे मामले की परतों को खोलने के लिए एक उच्च स्तरीय जांच कमेटी का गठन कर दिया गया है। दरअसल, पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर बदरीनाथ धाम के दान-पात्रों और चढ़ावे को लेकर तरह-तरह के दावे किए जा रहे हैं। 

मंदिरों का पैसा निजी फायदों के लिए 

इन पोस्ट्स में सीधे तौर पर आरोप लगाया गया है कि मंदिर में आने वाले चढ़ावे और दान के पैसों में भारी गड़बड़ी की जा रही है और कुछ लोग इस पवित्र धन का इस्तेमाल अपने निजी फायदों के लिए कर रहे हैं। चूंकि यह करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा संवेदनशील मामला है, इसलिए देखते ही देखते यह मुद्दा सोशल मीडिया पर गरमा गया, जिसके बाद मंदिर प्रशासन को सामने आना पड़ा। 

मंदिर समिति ने कहा भक्तों की आस्था का मामला

मामले की गंभीरता को देखते हुए बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने न्यूज़ पोर्टल से बातचीत में कहा कि इन आरोपों को कतई हल्के में नहीं लिया गया है। उन्होंने साफ किया: "यह लाखों-करोड़ों भक्तों की गहरी आस्था और पवित्र तीर्थ स्थल से जुड़ा मामला है। सोशल मीडिया पर जैसे ही यह बातें हमारे संज्ञान में आईं, हमने 24 घंटे के भीतर सख्त कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई शुरू कर दी।" 

कारण बताओं नोटिस जारी 

अध्यक्ष ने आगे बताया कि मंदिर समिति के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) ने नोटों की गिनती और चढ़ावे के प्रबंधन में शामिल सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को 'कारण बताओ नोटिस' (Show Cause Notice) जारी कर दिया है। इसके साथ ही एक विशेष जांच समिति बना दी गई है, जो इस पूरे घालमेल की सच्चाई सामने लाएगी। हेमंत द्विवेदी ने भरोसा दिलाया कि जांच रिपोर्ट को पूरी तरह सार्वजनिक किया जाएगा और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

'निजी सचिव' वाले विवाद पर भी दी सफाई

सोशल मीडिया पर चल रही खबरों में मंदिर समिति के अध्यक्ष के 'पर्सनल असिस्टेंट' (PA) या निजी सचिव की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे थे। इस पर स्थिति साफ करते हुए चेयरमैन हेमंत द्विवेदी ने कहा:

  • कोई पर्सनल स्टाफ नहीं: सोशल मीडिया पर जिस व्यक्ति को मेरा "निजी सचिव" बताकर प्रचारित किया जा रहा है, वह मेरा कोई पर्सनल स्टाफ नहीं है।

  • नियमित कर्मचारी: वह व्यक्ति बदरी-केदार मंदिर समिति का ही एक परमानेंट (नियमित) कर्मचारी है।

  • सभी के लिए नियम एक: जांच के दायरे में जो भी आएगा, चाहे वह कितना भी पुराना कर्मचारी क्यों न हो, उसके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा।

जांच स्पेशल टास्क फोर्स के पास 

आपको बता दें कि इससे पहले अयोध्या के राम मंदिर में भी कथित तौर पर चंदा चोरी और फर्जीवाड़े का एक बड़ा मामला सामने आया था, जिसकी जांच शासन ने स्पेशल टास्क फोर्स (SIT) को सौंपी है। उस मामले में अब तक कई रसूखदार लोगों की गिरफ्तारियां भी हो चुकी हैं। अब देखना यह होगा कि बदरीनाथ धाम की जांच समिति अपनी रिपोर्ट में क्या खुलासे करती है।
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