छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में जमीन की दोबारा बिक्री कर ठगी करने का एक मामला सामने आया है। इस मामले में एक महिला से भू-स्वामी और उसके सहयोगी ने मिलकर करीब 25 लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी की। जानकारी मिलने पर पीड़िता ने थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। मामला खरसिया थाना क्षेत्र का है।
जानकारी के अनुसार, ग्राम नावापारा निवासी अंजनी नायक जमीन खरीदने की तलाश में थी। इसी दौरान ग्राम सूती के लक्ष्मण प्रसाद पटेल ने उसे बताया कि छोटे देवगांव में नूतन पटैल के नाम पर जमीन है, जिसे वह बेचना चाहता है। इसके बाद लक्ष्मण ने अंजनी और उसके पति को नूतन से मिलवाया और जमीन दिखाई।
करते रहा बहाने
नूतन पटैल ने जमीन से संबंधित दस्तावेज दिखाकर सौदा तय किया और 4 दिसंबर 2024 को एडवांस के रूप में 22.50 लाख रुपये ले लिए। दोनों पक्षों के बीच इकरारनामा हुआ, जिसमें तय किया गया कि फसल कटाई के बाद मार्च तक रजिस्ट्री कर दी जाएगी।
हालांकि तय समय पर रजिस्ट्री नहीं हुई। बार-बार कहने पर अक्टूबर 2025 में एक नया इकरारनामा बनाया गया, जिसमें जमीन बैंक में बंधक होने की बात कहकर नूतन ने और 2.34 लाख रुपये ले लिए। इस तरह उसने कुल 25.14 लाख रुपये ले लिए।
कर दिया दोबारा सौदा
इसके बाद भी रजिस्ट्री नहीं कराई गई और आरोपी टालमटोल करता रहा। इसी दौरान पटवारी से जांच कराने पर पता चला कि जमीन के कुछ हिस्से को नूतन पहले ही वर्ष 2020 में बेच चुका था और उसकी रजिस्ट्री भी हो चुकी थी। इस रजिस्ट्री में लक्ष्मण पटेल गवाह था।
इस खुलासे के बाद पीड़िता ने शिकायत की। जांच में पुलिस ने पाया कि जमीन पहले ही किसी अन्य व्यक्ति को बेची जा चुकी थी, फिर भी आरोपियों ने मिलकर दोबारा सौदा कर रकम ले ली। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
विशेषज्ञों का कहना है कि जमीन खरीदते समय संबंधित दस्तावेजों की पूरी जांच करना बेहद जरूरी है। रजिस्ट्री के बाद नामांतरण की प्रक्रिया भी सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि इस तरह की धोखाधड़ी से बचा जा सके।
नामांतरण प्रक्रिया जरूरी
अधिवक्ता महेन्द्र यादव ने बताया कि अगर कोई अपनी जमीन रजिस्ट्री के माध्यम से बेचा है तो उसका नाम ट्रांसफर होना चाहिए। क्योंकि अगर जमीन बेचने के बाद भी नाम ट्रांसफर नहीं हुआ है तो उस व्यक्ति का ही नाम चल रहा है और वह दोबारा उसे बेच देगा। इसलिए नामतंरण की प्रक्रिया जरूरी है। जब भी ऐसी कोई परिस्थिति होता है तो रजिस्ट्री कार्यालय से राजस्व अभिलेखो से संबंधित पटवारी से संपर्क कर उसके संबंध में पूरी जांच पड़ताल कर जमीन लेना चाहिए।
क्या हुआ इस केस में
- महिला अंजनी नायक जमीन खरीदना चाहती थीं
- दलाल (लक्ष्मण) ने जमीन मालिक (नूतन) से मिलवाया
- दस्तावेज दिखाकर सौदा तय किया गया
- ₹22.5 लाख एडवांस लिए गए (दिसंबर 2024)
- बाद में और ₹2.34 लाख “बैंक बंधक” के नाम पर लिए
- कुल रकम: ₹25.14 लाख
- जांच में पता चला: जमीन का हिस्सा पहले ही 2020 में बिक चुका था
- पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया
