भारतीय रेलवे में सफर करने वाले आम यात्रियों के लिए ट्रेनों के जनरल कोच का मंजर किसी चुनौती से कम नहीं होता। रोजाना लाखों लोग लंबी दूरी तय करने के लिए इन डिब्बों में भेड़-बकरियों की तरह ठंसकर यात्रा करने को मजबूर होते हैं। घंटों खड़े रहकर सफर करना और सीट पाने के लिए जद्दोजहद करना यहाँ की कड़वी सच्चाई है। लेकिन इसी आपाधापी, शोर-शराबे और भीड़भाड़ के बीच कभी-कभी कुछ ऐसी तस्वीरें या वीडियो सामने आ जाते हैं, जो समाज में मरती जा रही इंसानियत पर हमारा भरोसा फिर से जिंदा कर देते हैं। ऐसा ही एक दिल छू लेने वाला वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक रेलवे सुरक्षाकर्मी (आरपीएफ/जीआरपी) के अनूठे अंदाज ने लोगों का दिल जीत लिया है।
कमजोर बुजुर्ग को देखकर भी अनजान बने रहे युवा यात्री
वायरल क्लिप में देखा जा सकता है कि ट्रेन का जनरल कोच यात्रियों से खचाखच भरा हुआ है। पैर रखने तक की जगह नहीं है। सीटों पर लोग ठंसे हुए हैं और गलियारे में भी लोग खड़े हैं। इसी बीच एक बेहद कमजोर, उम्रदराज और बीमार बुजुर्ग व्यक्ति डिब्बे में चढ़ते हैं। वो खड़े होने की स्थिति में भी नहीं दिख रहे थे, उम्र और खराब तबीयत के कारण उनका शरीर साथ नहीं दे रहा था। बेहद अफसोस की बात यह रही कि उन्हें इस हालत में देखकर भी किसी सह-यात्री का दिल नहीं पसीजा। उनके ठीक सामने बैठे कुछ युवा यात्री मोबाइल में व्यस्त दिखे या उन्हें देखकर भी अनजान बने रहे।
जब खाकी वाले ने पढ़ाया संवेदनशीलता का पाठ
तभी उस कोच से गुजर रहे एक रेलवे पुलिसकर्मी की नजर उस बेबस बुजुर्ग पर पड़ी। पुलिसकर्मी तुरंत स्थिति की गंभीरता को समझ गया। उसने वहां मौजूद यात्रियों पर कोई कानूनी रौब नहीं झाड़ा, न ही किसी को डांटा। इसके बजाय उसने बेहद शांत, गंभीर और असरदार अंदाज में लोगों से बात करनी शुरू की।
"दुनिया गोल है भाइयों! इंसान जैसा व्यवहार आज दूसरों के साथ करता है, वैसा ही व्यवहार घूमकर एक दिन उसके अपने परिवार के साथ भी होता है। अगर आज आप किसी बुजुर्ग को सम्मान देंगे, जरूरत के समय उनकी मदद करेंगे, तो कल जब आपके माता-पिता कहीं सफर कर रहे होंगे, तो कोई और भी उनकी मदद के लिए आगे आएगा।"
पुलिसकर्मी की आवाज में सख्ती से ज्यादा एक अभिभावक और जागरूक नागरिक का भाव था, जिसने सीधे यात्रियों के दिल पर चोट की।
"हर बात के लिए पुलिस की जरूरत क्यों?"
पुलिसकर्मी यहीं नहीं रुका, उसने यात्रियों को झकझोरते हुए आगे कहा कि किसी बीमार और कमजोर बुजुर्ग को देखकर इंसान का दिल अपने आप पिघल जाना चाहिए। हर छोटी-छोटी बात या बुनियादी नैतिकता के लिए भी पुलिस को दखल देना पड़े, यह एक स्वस्थ समाज की निशानी नहीं है। कुछ जिम्मेदारियां ऐसी होती हैं, जिन्हें हर व्यक्ति को खुद अपनी अंतरात्मा से समझना चाहिए। दूसरों की मदद करना कोई एहसान नहीं, बल्कि इंसान होने का फर्ज है।
सोशल मीडिया पर तारीफों का सैलाब
रेलवे पुलिसकर्मी की इस भावुक और तार्किक अपील का असर भी तुरंत देखने को मिला। कोच में बैठे कई युवा यात्री शर्मिंदगी से नजरें चुराते दिखे और देखते ही देखते बुजुर्ग के लिए सीट का इंतजाम हो गया।
अब यह वीडियो इंटरनेट पर तहलका मचा रहा है। माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म एक्स (ट्विटर) पर इस वीडियो को @Ilyas_SK_31 नाम के हैंडल से शेयर किया गया है, जिसके बाद से लोग इसे जमकर रीपोस्ट और लाइक कर रहे हैं। यूजर्स कमेंट बॉक्स में पुलिसकर्मी की सूझबूझ और उसकी संवेदनशीलता की जमकर तारीफ कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर देश के हर नागरिक और सुरक्षाकर्मी में ऐसी सोच आ जाए, तो समाज की कई समस्याएं बिना किसी कानून के ही सुलझ जाएंगी।
