बलरामपुर जिले के राजपुर वन परिक्षेत्र अंतर्गत कुंदीकला गांव में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया। एक भटके हुए दंतैल हाथी ने पति-पत्नी पर हमला कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया। घटना के बाद गांव में शोक और भय का माहौल व्याप्त है। ग्रामीणों में हाथियों की बढ़ती आवाजाही को लेकर चिंता और नाराजगी दोनों देखने को मिल रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दंपति रोजाना की तरह मंगलवार तड़के करीब पांच बजे घर से बाहर निकले थे। इसी दौरान बांधपारा जंगल के समीप उनका सामना एक दंतैल हाथी से हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हाथी अचानक आक्रामक हो गया और उसने दोनों पर हमला कर दिया। हाथी ने पति-पत्नी को बुरी तरह कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना इतनी भयावह थी कि आसपास मौजूद लोग भी उनकी मदद के लिए आगे नहीं बढ़ सके।
हाथियों के दल से बिछड़ा था दंतैल
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पिछले कई दिनों से कल्याणपुर और आसपास के जंगलों में पांच हाथियों का एक दल विचरण कर रहा है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि हमला करने वाला दंतैल हाथी इसी दल से अलग होकर आबादी वाले क्षेत्र की ओर पहुंच गया था। भोजन और पानी की तलाश में हाथियों का गांवों की ओर रुख करना लगातार बढ़ रहा है, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं भी बढ़ रही हैं। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं वन अमला हाथी की लोकेशन ट्रैक करने और उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखने में जुट गया है। संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि किसी अन्य अप्रिय घटना को रोका जा सके।ग्रामीणों में आक्रोश, सुरक्षा बढ़ाने की मांग
दंपति की मौत के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश और भय का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में हाथियों की मौजूदगी की जानकारी पहले से थी, इसके बावजूद पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए। लोगों ने वन विभाग से हाथियों की लगातार मॉनिटरिंग, प्रभावित गांवों में अलर्ट सिस्टम और गश्त बढ़ाने की मांग की है। साथ ही मृतकों के परिजनों को तत्काल मुआवजा और सहायता प्रदान करने की मांग भी उठने लगी है।
वन विभाग ने आसपास के गांवों के लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। विभाग ने कहा है कि सुबह और शाम के समय जंगल या हाथियों की मौजूदगी वाले क्षेत्रों में अकेले न जाएं। किसी भी स्थान पर हाथी दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग को सूचना दें और भीड़ इकट्ठा करने से बचें। विभाग की टीम लगातार हाथियों की निगरानी कर रही है और ग्रामीणों को समय-समय पर सतर्क किया जा रहा है।
