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शिक्षक पर फर्जी नाम तरीके से सरकारी नौकरी हासिल करने का आरोप
शिक्षक पर फर्जी नाम तरीके से सरकारी नौकरी हासिल करने का आरोप
बलरामपुर-रामानुजगंज

शिक्षा विभाग में हड़कंप : फर्जी नाम से सरकारी नौकरी कर रहा था प्रधान पाठक, जांच में खुलासा होते ही निलंबित

छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में एक प्रधान पाठक पर फर्जी नाम और दस्तावेजों के जरिए सरकारी नौकरी हासिल करने का आरोप लगा है। ग्राम पंचायत कुशफर के निवासी सत्यनारायण की शिकायत पर जिला प्रशासन ने मामले की जांच कराई। जांच में पता चला कि शिक्षक का असली नाम रामदुलार पिता जीतू है, जबकि उसने लालमन सिंह पिता रामवृक्ष के नाम से नौकरी प्राप्त की थी। मामले को गंभीर मानते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने आरोपी प्रधान पाठक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। फिलहाल विभागीय जांच जारी है।

कीर्तिमान डेस्क
प्रकाशित: 09 May 2026, 05:47 PM · अपडेट: 04 Oct 2026, 04:20 AM
बलरामपुर
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश

छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से शिक्षा विभाग से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक शिक्षक पर फर्जी नाम और दस्तावेजों के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल करने का आरोप लगा है। मामले की जांच में अनियमितताएं सामने आने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने आरोपी प्रधान पाठक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस घटना के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है और विभागीय स्तर पर विस्तृत जांच जारी है।

ग्रामीण की शिकायत के बाद खुला मामला

जानकारी के अनुसार यह मामला जिले के वाड्रफनगर विकासखंड के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत कुशफर से जुड़ा हुआ है। गांव के निवासी सत्यनारायण ने 11 अप्रैल को जिला कलेक्टर से लिखित शिकायत की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि लालमन सिंह नामक व्यक्ति ग्राम पंचायत कुशफर में सरपंच पद पर कार्यरत है, जबकि वही व्यक्ति शासकीय प्राथमिक शाला कोल्हूआ में प्रधान पाठक के रूप में नौकरी भी कर रहा है। शिकायतकर्ता ने दावा किया कि नौकरी के लिए फर्जी दस्तावेजों और गलत पहचान का उपयोग किया गया है। साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की गई थी।

कलेक्टर के निर्देश पर बनी जांच टीम

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर ने तत्काल जांच के आदेश दिए। इसके बाद शिक्षा विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों की एक टीम गठित की गई। जांच टीम ने नियुक्ति से जुड़े सभी दस्तावेजों, सेवा रिकॉर्ड और पहचान संबंधी कागजातों की जांच शुरू की। जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए, जिससे अधिकारियों के भी होश उड़ गए।

जांच में सामने आई बड़ी गड़बड़ी

जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि प्रधान पाठक के रूप में कार्य कर रहे व्यक्ति का वास्तविक नाम रामदुलार पिता जीतू है। आरोप है कि उन्होंने लालमन सिंह पिता रामवृक्ष के नाम से दस्तावेज तैयार कर शासकीय सेवा प्राप्त की थी। अधिकारियों के अनुसार यह मामला केवल दस्तावेजी गड़बड़ी नहीं, बल्कि सरकारी सेवा नियमों के गंभीर उल्लंघन का उदाहरण है। जांच में मिली जानकारी के बाद शिक्षा विभाग ने मामले को अत्यंत गंभीर माना है।

जिला शिक्षा अधिकारी ने किया निलंबित

जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव ने प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी प्रधान पाठक को निलंबित कर दिया है। विभाग ने इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम-3 का उल्लंघन माना है। वहीं छत्तीसगढ़ सिविल सेवा वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील नियम 1966 के तहत निलंबन की कार्रवाई की गई है। फिलहाल मामले की उच्च स्तरीय विभागीय जांच जारी है और जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी एवं प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

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