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नक्सलियों के ठिकाने से कैश और हथियार बरामद
नक्सलियों के ठिकाने से कैश और हथियार बरामद
नारायणपुर

नक्सल नेटवर्क को झटका : नारायणपुर में नक्सलियों के फंडिंग नेटवर्क पर चोट, करोड़ों की नकदी जब्त

छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में सुरक्षाबलों ने नक्सल विरोधी अभियान के दौरान बड़ी सफलता हासिल करते हुए जंगलों में छिपाए गए नक्सलियों के गुप्त डंप का खुलासा किया। सरेंडर नक्सलियों से मिली सूचना के आधार पर जवानों ने करीब 1 करोड़ रुपये नकद, हथियार और अन्य सामग्री बरामद की। बरामद रकम में 2 हजार रुपये के बंद हो चुके नोट भी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार कुछ डंप हालिया हैं, जबकि कुछ 4 से 6 साल पुराने बताए जा रहे हैं। इससे पहले बीजापुर में भी सुरक्षाबलों ने माओवादियों के एक गुप्त बंकर से हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की थी।

कीर्तिमान डेस्क
प्रकाशित: 13 May 2026, 04:10 PM · अपडेट: 02 Oct 2026, 11:02 AM
नारायणपुर
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश

छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता हाथ लगी है। जवानों ने जंगलों में छिपाकर रखे नक्सलियों के गुप्त डंप और ठिकानों का पता लगाते हुए करीब 1 करोड़ रुपये नकद और भारी मात्रा में हथियार व अन्य सामग्री बरामद की है। यह कार्रवाई हाल ही में सरेंडर करने वाले नक्सलियों से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर की गई।

बस्तर रेंज के आईजी पी. सुंदरराज ने बताया कि बरामद नकदी में बड़ी संख्या में 2 हजार रुपये के गुलाबी नोट भी शामिल हैं। शुरुआती अनुमान के मुताबिक इन नोटों की कीमत करीब 10 लाख रुपये बताई जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि ये नोट उन पुराने डंपों का हिस्सा हो सकते हैं जिन्हें नक्सली नोटबंदी और बाद में 2 हजार के नोट वापस लेने की समय सीमा के दौरान बदल नहीं पाए थे।

कुछ डंप हालिया, तो कुछ 4 से 6 साल पुराने

पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि जंगलों में बनाए गए ये गुप्त ठिकाने अलग-अलग समय के हैं। इनमें कुछ डंप हाल ही में तैयार किए गए थे, जबकि कुछ 4 से 6 साल पुराने बताए जा रहे हैं। फिलहाल बरामद नकदी की गिनती और कानूनी प्रक्रिया जारी है। सुरक्षा एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि यह रकम किन गतिविधियों के लिए जमा की गई थी।

जानकारी के अनुसार नक्सली जंगलों के भीतर गुप्त डंप बनाकर हथियार, विस्फोटक, राशन और नकदी छिपाकर रखते थे। 

सरेंडर नक्सलियों ने इन ठिकानों से जुड़ी अहम जानकारियां सुरक्षा एजेंसियों को दी थीं। अब पुलिस और सुरक्षाबल इन इनपुट्स के आधार पर अन्य संभावित ठिकानों की तलाश में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं।

बीजापुर में भी मिला था माओवादियों का बंकर

इससे पहले बीजापुर जिले के डोडीतुमनार जंगल-पहाड़ी क्षेत्र में भी सुरक्षाबलों ने माओवादियों के एक गुप्त बंकर का खुलासा किया था। पुलिस सहायता केंद्र पीड़िया और थाना गंगालूर की संयुक्त टीम ने सर्च ऑपरेशन के दौरान जमीन के भीतर छिपाकर बनाया गया बंकर बरामद किया था। बम निरोधक दस्ते (BDDS) की जांच और डिमाइनिंग प्रक्रिया के बाद जब बंकर खोला गया, तब वहां से हथियारों की मरम्मत और निर्माण में इस्तेमाल होने वाली मशीनें, विस्फोटक सामग्री और अन्य उपकरण बरामद किए गए थे। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि माओवादी इस बंकर का इस्तेमाल हथियार तैयार करने और मरम्मत केंद्र के रूप में कर रहे थे।

लगातार दबाव में कमजोर पड़ रहा नक्सली नेटवर्क

बीते कुछ महीनों में बस्तर संभाग में सुरक्षाबलों की लगातार कार्रवाई, मुठभेड़ों और सरेंडर अभियानों के कारण नक्सली संगठन कमजोर पड़ता नजर आ रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सरेंडर करने वाले नक्सलियों से मिल रही सूचनाएं अभियान को और प्रभावी बना रही हैं, जिससे जंगलों में छिपे नक्सली नेटवर्क और उनके फंडिंग सिस्टम पर बड़ा असर पड़ा है।

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