कुछ ही घंटों में 6000% का उछाल
मैदान पर वोजिन्हा के ग्लव्स का जादू ऐसा चला कि सोशल मीडिया पर उनके फॉलोअर्स की बाढ़ आ गई। खेल के इतिहास में ऐसा 'डिजिटल बूम' बहुत कम देखने को मिलता है:
मैच से पहले: वोजिन्हा को इंस्टाग्राम पर महज 50 हजार लोग फॉलो करते थे।
मैच के कुछ ही घंटों बाद: यह संख्या 6000 प्रतिशत की हैरतअंगेज बढ़त के साथ 4 मिलियन (40 लाख) पार कर चुकी है।
दुनिया भर के फुटबॉल प्रेमी इस 40 साल के बूढ़े शेर की मुस्तैदी और जज्बे को सलाम कर रहे हैं।
इतिहास के पन्नों में दर्ज हुआ नाम
स्पेन जैसी खतरनाक और पूर्व चैंपियन टीम के खिलाफ क्लीन शीट (एक भी गोल न होने देना) रखकर वोजिन्हा ने फीफा इतिहास के सुनहरे पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया है:
सबसे उम्रदराज क्लीन शीट कीपर: फीफा वर्ल्ड कप के अपने डेब्यू मैच में 'क्लीन शीट' रखने वाले वोजिन्हा दुनिया के सबसे उम्रदराज गोलकीपर बन गए हैं।
दूसरे सबसे उम्रदराज खिलाड़ी: 40 साल की उम्र में वर्ल्ड कप डेब्यू करने वाले वे इतिहास के दूसरे सबसे उम्रदराज खिलाड़ी हैं। इस सूची में शीर्ष पर मिस्र के दिग्गज गोलकीपर एस्साम अल-हदारी हैं, जिन्होंने 2018 में 45 वर्ष की उम्र में मैच खेला था।
भावुक हुए वोजिन्हा: मैच के बाद प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए वोजिन्हा अपने आंसू नहीं रोक पाए। उन्होंने बेहद भावुक होकर कहा, "मैच खत्म होते ही मैं रो पड़ा। मेरा बचपन मेरे दादा-दादी के साये में बीता है। आज जीवन के इस सबसे बड़े पड़ाव पर काश वे मुझे देखने के लिए यहाँ मौजूद होते।"
स्पेन के 7 खतरनाक वार, अकेले 'वोजिन्हा' ने किए बेकार
पूरे मैच के दौरान स्पेनिश टीम ने केप वर्डे के गोल पोस्ट पर चौतरफा हमले किए। गेंद पर नियंत्रण से लेकर अटैक तक, हर मामले में स्पेन आगे था, लेकिन गोल लाइन के सामने वोजिन्हा का जादू चल रहा था।
मैच के मुख्य पल और वोजिन्हा का डिफेंस पहला हाफ: स्पेन के फेरान टोरेस का एक नजदीकी शॉट क्रॉसबार पर लगा। रिबाउंड पर मिकेल ओयारजाबल ने दमदार हेडर लगाया, जिसे वोजिन्हा ने हवा में उछलकर शानदार तरीके से रोक दिया। दूसरा हाफ: ब्रेक के बाद फेरान टोरेस और आयमेरिक लापोर्टे ने गोल दागने के लगातार दो प्रयास किए, लेकिन वोजिन्हा की मुस्तैदी के आगे दोनों नाकाम रहे। सुपरस्टार यामल भी फेल: मैच को जीतने के लिए स्पेन ने अंत में अपने सबसे आक्रामक विंगर लामिन यामल को भी मैदान पर उतारा, लेकिन वोजिन्हा के चक्रव्यूह को स्पेन का कोई भी वर्ल्ड क्लास खिलाड़ी भेद नहीं सका।
