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भिलाई में बारिश से जलभराव
भिलाई में बारिश से जलभराव
दुर्ग

पहली ही बारिश में डूबा भिलाई : जलभराव ने खोली निगम की तैयारियों की पोल, लोग हुए परेशान

भिलाई में 181 मिमी की भारी बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। नालियां जाम होने से सड़कों और घरों में पानी घुस गया, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। पहली ही बारिश में नगर निगम की मानसून तैयारियों पर सवाल उठने लगे हैं, जबकि मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक और बारिश की संभावना जताई है।

कीर्तिमान डेस्क
कीर्तिमान डेस्क
06 Jul 2026, 11:03 AM
भिलाई
भिलाई नगर पालिक निगम की मानसून पूर्व तैयारियों की असल तस्वीर पहली ही तेज बारिश में सामने आ गई। 4 जुलाई की रात से शुरू हुई लगातार बारिश का असर 5 जुलाई की देर रात तक शहर में बना रहा। तेज बारिश के चलते कई इलाकों में जलभराव हो गया, जिससे लोगों की दिनचर्या प्रभावित हुई और सड़कें पानी से लबालब नजर आईं।
सबसे अधिक परेशानी सुपेला कोसा नाला, नेहरू नगर, राधिका नगर, तालपुरी और कैंप क्षेत्र के लोगों को झेलनी पड़ी। कई जगह सड़कें पूरी तरह पानी में डूब गईं और वाहनों की आवाजाही मुश्किल हो गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश से पहले नालियों की पर्याप्त सफाई नहीं होने के कारण पानी की निकासी बाधित हो गई। नतीजतन बारिश का पानी सड़कों पर जमा हो गया और कई कॉलोनियों में घरों के भीतर तक पहुंच गया।

मुख्य सड़कों पर थमी रफ्तार

कई परिवारों को रातभर घरों से पानी बाहर निकालने में मशक्कत करनी पड़ी। निचले इलाकों में खड़ी कारें और दोपहिया वाहन भी पानी में आधे से ज्यादा डूबे दिखाई दिए। जलभराव का असर शहर के प्रमुख मार्गों पर भी देखने को मिला। कई स्थानों पर घंटों तक यातायात प्रभावित रहा, जिससे दफ्तर जाने वाले लोगों और अन्य यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ा। कुछ इलाकों में वाहन चालकों को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ा। हर वर्ष नगर निगम की ओर से मानसून से पहले नालों की सफाई और जलनिकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने के दावे किए जाते हैं। हालांकि इस बार पहली ही भारी बारिश ने इन दावों पर सवाल खड़े कर दिए। जिन क्षेत्रों में हर साल जलभराव की समस्या सामने आती है, वहां भी स्थिति में कोई खास सुधार नहीं दिखा। इससे प्री-मानसून कार्यों की गुणवत्ता और निगरानी को लेकर लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।
घुटनों तक भरा पानी

24 घंटे में 181 मिमी बारिश दर्ज 

दुर्ग मौसम केंद्र के अनुसार, 5 जुलाई की सुबह 8:30 बजे समाप्त हुए 24 घंटों में जिले में 181 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। यह 'बहुत भारी बारिश' की श्रेणी में आती है। लगातार बारिश से नालों का जलस्तर बढ़ गया, जिससे पानी की निकासी और धीमी हो गई। इसी अवधि में अधिकतम तापमान 26.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 
मौसम विभाग ने 6 से 11 जुलाई के बीच दुर्ग-भिलाई क्षेत्र में रुक-रुक कर बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई है। विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने मजबूत मौसम तंत्र के कारण पूरे क्षेत्र में मानसून सक्रिय बना हुआ है और आने वाले दिनों में भी अच्छी बारिश होने के आसार हैं।

नगर निगम की व्यवस्थाओं पर सवाल

बारिश के बाद शहर के कई इलाकों से जलभराव के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आई हैं। नागरिक नगर निगम की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए नियमित नालों की सफाई और बेहतर जलनिकासी व्यवस्था की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते जरूरी तैयारियां पूरी की जातीं तो पहली ही बारिश में शहर को इतनी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता।
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