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तुरतुरिया मंदिर में फंसे श्रद्धालुओं का पुलिस रेस्क्यू
तुरतुरिया मंदिर में फंसे श्रद्धालुओं का पुलिस रेस्क्यू
बलौदाबाज़ार

बाढ़ का खतरा : तुरतुरिया मंदिर में फंसे 250 श्रद्धालु, उफनती नदी के बीच पुलिस ने किया सफल रेस्क्यू

छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के तुरतुरिया मंदिर में रविवार को अचानक आई बाढ़ के कारण करीब 250 श्रद्धालु फंस गए। तेज बारिश से बालमदेही नदी उफान पर आने के बाद पुलिस ने तत्काल रेस्क्यू अभियान चलाकर सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घटना के बाद नगर सेना की देरी को लेकर स्थानीय लोगों ने नाराजगी भी जताई।

कीर्तिमान डेस्क
कीर्तिमान डेस्क
06 Jul 2026, 10:24 AM
बलौदाबाजार
छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले स्थित प्रसिद्ध तुरतुरिया मंदिर में रविवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अचानक हुई तेज बारिश के कारण बालमदेही नदी उफान पर आ गई। नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने से करीब 250 श्रद्धालु मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में फंस गए। समय रहते पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। 
जानकारी के अनुसार, भंडारपुरी डुम्हा गांव से बड़ी संख्या में श्रद्धालु सुबह माता के दर्शन के लिए बालमदेही नदी पार कर मंदिर पहुंचे थे। उस समय नदी में पानी कम था और आवागमन सामान्य था। हालांकि दोपहर के बाद इलाके में तेज बारिश शुरू हुई, जिससे नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। कुछ ही देर में नदी ने विकराल रूप ले लिया और श्रद्धालुओं का वापस लौटना संभव नहीं रहा।
बुजुर्गों और महिलाओं को कंधे पर बैठाकर नदी पार कराई

पुलिस ने चलाया तत्काल रेस्क्यू अभियान

घटना की सूचना मिलते ही कसडोल थाना प्रभारी प्रवीण मिंज अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिसकर्मियों ने जोखिम उठाते हुए बाढ़ के बीच रेस्क्यू अभियान शुरू किया और एक-एक कर सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित नदी पार कराकर बाहर निकाला। थाना प्रभारी प्रवीण मिंज ने बताया कि सुबह नदी में पानी कम होने के कारण श्रद्धालु आसानी से मंदिर पहुंच गए थे, लेकिन लगातार बारिश से हालात अचानक बदल गए। सूचना मिलते ही पुलिस ने बिना देर किए राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और सभी लोगों को सुरक्षित निकाल लिया। रेस्क्यू के दौरान पुलिस जवानों ने छोटे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को कंधे पर बैठाकर नदी पार कराई। 

नगर सेना की देरी पर उठे सवाल 

कई जगह तेज बहाव होने के बावजूद पुलिस टीम ने संयम और सतर्कता के साथ अभियान पूरा किया, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं का कहना है कि दोपहर करीब 2:30 बजे नगर सेना को घटना की सूचना दे दी गई थी, लेकिन शाम तक उनकी टीम मौके पर नहीं पहुंची। इस दौरान पुलिस ने अकेले ही पूरे रेस्क्यू अभियान की जिम्मेदारी संभाली। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने नगर सेना की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि आपदा की स्थिति में राहत दल को तत्काल मौके पर पहुंचना चाहिए।
उनका मानना है कि यदि पुलिस समय पर नहीं पहुंचती तो बड़ा हादसा हो सकता था। बारिश के मौसम में बरतें सावधानी पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मानसून के दौरान नदी-नालों को पार करने से बचें और किसी भी धार्मिक या पर्यटन स्थल की यात्रा पर निकलने से पहले मौसम की स्थिति की जानकारी अवश्य लें, ताकि इस तरह की अप्रिय परिस्थितियों से बचा जा सके।
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