हत्याकांड : युवक की हत्या कर रेत में दफनाई लाश, पार्षद समेत 4 गिरफ्तार
महासमुंद जिले के नादगांव महानदी घाट में 38 वर्षीय भुवनेश्वर यादव की हत्या कर शव को रेत में दफनाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने इस हत्याकांड का खुलासा करते हुए स्थानीय निर्दलीय पार्षद नोहर दास उर्फ गोलू रात्रे समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मृतक पिछले 15 वर्षों से परिवार की जिम्मेदारी निभाने के लिए बाहर रहकर काम करता था।
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कीर्तिमान न्यूज
29 May 2026, 11:11 AM
महासमुंद
छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले से दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। थाना महासमुंद के अंतर्गत नादगांव महानदी घाट पर एक युवक की बेरहमी से हत्या कर उसकी लाश को रेत में दफनाने के मामले ने पूरे प्रदेश को स्तब्ध कर दिया है। पुलिस ने इस अमानवीय हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए एक स्थानीय निर्दलीय पार्षद नोहर दास उर्फ गोलू रात्रे समेत चार आरोपियों को हिरासत में ले लिया है।
इस पूरे मामले में जो सबसे दर्दनाक पहलू सामने आया है, उसने हर किसी की आंखें नम कर दी हैं।
15 साल बाद उजड़ा परिवार का चिराग, गांव में पसरा मातम
मृतक की पहचान 38 वर्षीय भुवनेश्वर यादव के रूप में हुई है, जो मूल रूप से कोमाखान क्षेत्र के चकचकी गांव का रहने वाला था। भुवनेश्वर पिछले 15 वर्षों से अपने बूढ़े माता-पिता और परिवार की जिम्मेदारी उठाने के लिए गांव से बाहर रहकर कड़ी मेहनत और नौकरी कर रहा था।
जैसे ही भुवनेश्वर की नृशंस हत्या और महानदी की रेत से उसकी लाश मिलने की खबर चकचकी गांव पहुंची, पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई।
मिलनसार स्वभाव: ग्रामीणों ने बताया कि भुवनेश्वर बेहद सीधे और मिलनसार स्वभाव का था।
परिजनों का बुरा हाल: बूढ़े माता-पिता और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव का हर व्यक्ति इस अमानवीय कृत्य से आक्रोशित है।
हत्या के बाद टापू पर दफनाई लाश
ताजा अपडेट के अनुसार, आरोपियों ने भुवनेश्वर की हत्या करने के बाद सबूत मिटाने के लिए एक खौफनाक साजिश रची।
सुनसान जगह का चयन: हत्या के बाद आरोपी घबरा गए और उन्होंने महानदी किनारे एक सुनसान, टापूनुमा इलाके को चुना।
रेत में दफनाया शव: आरोपियों ने वहां गहरा गड्ढा खोदा और भुवनेश्वर के शव को रेत के नीचे छिपा दिया ताकि किसी को भनक न लगे।
संयुक्त ऑपरेशन में मिली कामयाबी: रायपुर की मंदिर हसौद पुलिस और महासमुंद पुलिस ने एक संयुक्त और त्वरित कार्रवाई करते हुए घेराबंदी की। कड़ाई से पूछताछ के बाद आरोपियों की निशानदेही पर सीधे घटना स्थल (महानदी घाट) से शव को सकुशल (फॉरेंसिक साक्ष्यों के साथ) बरामद किया गया।
'आखिरी फोन कॉल' और पुलिस का चक्रव्यूह
इस अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाने में मृतक के मोबाइल फोन ने सबसे अहम भूमिका निभाई। घटना वाली शाम भुवनेश्वर ने अपनी पत्नी से आखिरी बार फोन पर बात की थी। उस बातचीत के ठीक बाद उसका फोन अचानक बंद (स्विच ऑफ) हो गया।
पत्नी की इसी सूचना पर पुलिस ने जब टेक्निकल सर्विलांस और मोबाइल टावर लोकेशन को खंगाला, तो कड़ियां जुड़ती चली गईं। पुलिस ने मौके से मृतक का मोबाइल फोन और अन्य सामग्रियां भी जब्त कर ली हैं, जो अदालत में अहम सबूत बनेंगी।
नए कानून (BNS) के तहत केस दर्ज, पार्षद समेत 4 सलाखों के पीछे
मामले की संवेदनशीलता और वीभत्सता को देखते हुए पुलिस ने बिना वक्त गंवाए मुख्य आरोपी निर्दलीय पार्षद नोहर दास उर्फ गोलू रात्रे और उसके तीन अन्य साथियों को दबोच लिया है।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ नए कानून भारतीय न्याय संहिता (BNS) की निम्नलिखित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है:
धारा 103: हत्या के लिए (पहले IPC 302)
धारा 238: साक्ष्य (सबूत) मिटाने या झूठी जानकारी देने के लिए
धारा 3(5): संयुक्त जवाबदेही (जब कई लोग मिलकर अपराध को अंजाम दें)
फिलहाल चारों आरोपियों से पुलिस कस्टडी में कड़ी पूछताछ जारी है कि आखिर इस खूनी खेल के पीछे की मुख्य वजह (मर्डर मोटिव) क्या थी। क्या यह आपसी रंजिश थी, पैसों का लेनदेन था या कोई अन्य गुप्त वजह? पुलिस जल्द ही इसका आधिकारिक खुलासा करने वाली है। उधर, चकचकी गांव में तनाव और शोक को देखते हुए पुलिस बल की नजर बनी हुई है।