इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के रोमांच के बीच सट्टेबाजी का काला कारोबार भी चरम पर है। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में पुलिस ने एक बड़े सट्टा नेटवर्क पर सर्जिकल स्ट्राइक करते हुए करोड़ों रुपये के अवैध लेन-देन का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है, जबकि नेटवर्क का मास्टरमाइंड फिलहाल फरार बताया जा रहा है।
छापेमारी और रंगे हाथों गिरफ्तारी
मामले का खुलासा करते हुए बसंतपुर थाना प्रभारी अमन साहू ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि शिकारीपारा क्षेत्र में मोबाइल के जरिए ऑनलाइन सट्टा संचालित किया जा रहा है। सटीक जानकारी के आधार पर पुलिस की एक विशेष टीम ने चिन्हित स्थान पर दबिश दी। छापेमारी के दौरान आरोपी श्याम यादव को मोबाइल फोन पर लाइव मैच के दौरान सट्टा लगाते हुए रंगे हाथों दबोच लिया गया।
करोड़ों का डिजिटल लेन-देन
कार्रवाई के दौरान आरोपी के पास से एक स्मार्टफोन, एक की-पैड मोबाइल और कुछ नकदी बरामद की गई। हालांकि, जब पुलिस ने आरोपी के फोन की जांच की, तो उनके होश उड़ गए। मोबाइल के डेटा से पता चला कि यह नेटवर्क 2 करोड़ रुपये से अधिक का लेन-देन कर चुका था। सट्टेबाजी का यह पूरा खेल पूरी तरह से डिजिटल और मोबाइल आधारित था, जिससे पुलिस को चकमा देने की कोशिश की जा रही थी।
फरार आरोपी और कानूनी शिकंजा
पुलिस ने इस मामले में 'छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022' की धारा 6 और 7 के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। जांच में एक अन्य आरोपी राकेश कुमार उमरे (निवासी पनेका कॉलोनी) का नाम भी सामने आया है, जिसे इस रैकेट का मास्टरमाइंड माना जा रहा है। फिलहाल राकेश फरार है और पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
पकड़े गए आरोपी श्याम यादव को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस का मानना है कि मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी के बाद इस नेटवर्क से जुड़े अन्य कई बड़े नामों का खुलासा हो सकता है।
