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चीन बच्चे ने घर में आग लगाई
चीन बच्चे ने घर में आग लगाई
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खेल-खेल में लगी आग :  जब 5 साल के बच्चे ने फूंक दिए 30 iPhone, पिता के रिएक्शन ने जीता दिल

चीन के शेनझेन में पांच साल के बच्चे ने बिजली की चिंगारी से टिश्यू पेपर जलाया, जिससे घर में बने मोबाइल वर्कशॉप में आग फैल गई। हादसे में करीब 30 मोबाइल फोन, जिनमें कई आईफोन भी थे, जलकर राख हो गए और लाखों रुपये का नुकसान हुआ। पिता ने गुस्सा करने के बजाय बच्चे को प्यार से आग के खतरे और गलती से सीख लेने की बात समझाई।

कीर्तिमान डेस्क
प्रकाशित: 25 Jun 2026, 09:08 PM · अपडेट: 10 Oct 2026, 06:37 PM
चीन
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश

बच्चों की मासूमियत और उनकी जिज्ञासा कभी-कभी बड़े हादसों को बुलावा दे देती है, लेकिन उस नुकसान के बाद एक अभिभावक के तौर पर आपका रिएक्शन क्या होता है, यही आपकी संवेदनशीलता को दर्शाता है। चीन के शेनझेन शहर से एक ऐसा ही हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक पांच साल के बच्चे ने अनजाने में अपने ही घर के वर्कशॉप को आग के हवाले कर दिया। इस हादसे में करीब 24 लाख रुपये के आईफोन जलकर खाक हो गए, लेकिन इसके बाद पिता ने जो कदम उठाया, उसकी चर्चा आज पूरी दुनिया में हो रही है। पेंग नाम के एक शख्स जो शेनझेन में मोबाइल रिपेयरिंग और बिक्री का काम करते हैं, उन्होंने अपने घर के ही एक हिस्से को छोटा सा वर्कशॉप बना रखा था। इसी वर्कशॉप में उनके कई कीमती गैजेट्स और ग्राहकों के फोन रखे हुए थे। घटना वाले दिन उनका पांच साल का बेटा वहीं पास में खेल रहा था। इसी दौरान बच्चे की नजर बिजली के एक बोर्ड पर पड़ी, जिससे शॉर्ट सर्किट के कारण हल्की चिंगारियां निकल रही थीं।

मासूम खेल बना बड़ा हादसा

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, उस मासूम बच्चे को यह अंदाजा नहीं था कि बिजली की चिंगारी कितनी खतरनाक हो सकती है। उसने उत्सुकतावश एक टिश्यू पेपर उठाया और उसे उस चिंगारी के पास ले गया। देखते ही देखते टिश्यू ने आग पकड़ ली और डर के मारे बच्चे के हाथ से वह जलता हुआ कागज वहीं गिर गया, जहां भारी मात्रा में मोबाइल और अन्य उपकरण रखे थे। कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप ले लिया। वर्कशॉप में रखे लगभग 30 महंगे स्मार्टफोन, जिनमें से अधिकांश आईफोन थे, धू-धू कर जलने लगे। इस हादसे में पेंग को करीब 2 लाख युआन यानी भारतीय मुद्रा में लगभग 24 लाख रुपये से अधिक का सीधा नुकसान हुआ। सबसे बड़ी मुसीबत यह थी कि इन सामानों का कोई इंश्योरेंस भी नहीं था, यानी यह पूरी रकम पेंग की जेब से डूब चुकी थी।

डर के साए में भी पिता के प्रति बच्चे का प्यार

जब आग फैलने लगी, तो बच्चा बुरी तरह डर गया, लेकिन इस खौफ के बीच भी उसे अपने सोते हुए पिता की चिंता थी। उसे डर था कि कहीं धुआं और आग उसके पिता के कमरे तक न पहुंच जाए। मासूम ने तुरंत अपने पिता के कमरे का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया ताकि धुआं अंदर न जा सके और कमरे का एसी चालू कर दिया ताकि पिता चैन से सोते रहें। हालांकि, कुछ ही देर बाद जब धुएं की गंध कमरे के अंदर तक पहुंची, तो पेंग की आंख खुल गई। बाहर का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। उन्होंने तुरंत मुस्तैदी दिखाते हुए किसी तरह आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक उनका लिविंग रूम और वर्कशॉप पूरी तरह जलकर राख हो चुके थे।

नाराजगी के बजाय पिता ने पेश की मिसाल

आग बुझने के बाद जब पेंग ने अपने बेटे को देखा, तो वह पूरी तरह सुरक्षित था और सहमा हुआ फर्श को साफ करने की कोशिश कर रहा था। पेंग चाहते तो उस वक्त गुस्से में अपना आपा खो सकते थे, बच्चे पर हाथ उठा सकते थे, लेकिन उन्होंने एक ऐसा रास्ता चुना जिसने इस पूरी घटना को एक सीख में बदल दिया। पेंग ने शांत रहकर बच्चे के पास जाकर पूछा, "क्या तुम इस सबसे खुश हो?" डरे हुए बच्चे ने रोते हुए ना में सिर हिलाया। इसके बाद पिता ने उसे गले लगाया और बेहद प्यार से समझाया कि जो आग से खेलता है, वह एक दिन खुद को भी चोट पहुंचा बैठता है। मासूम बच्चे को भी अपनी गलती का अहसास हो चुका था; उसने चुपके से अपनी गुल्लक लाकर पिता के हाथों में रख दी ताकि वह नुकसान की भरपाई कर सके। पेंग ने सोशल मीडिया पर इस अनुभव को साझा करते हुए कहा कि बचपन में उन्हें अपनी छोटी-छोटी गलतियों पर बहुत डांट पड़ती थी, जिससे उनके मन में डर बैठ गया था। वह नहीं चाहते कि उनका बेटा डर के साए में जिए, बल्कि वह उसे प्यार से समझाकर जिम्मेदार इंसान बनाना चाहते हैं। पेंग के इस मैच्योर और संवेदनशील व्यवहार की इंटरनेट पर जमकर तारीफ हो रही है और लोग कह रहे हैं कि परवरिश का इससे खूबसूरत उदाहरण दूसरा नहीं हो सकता।

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