Korba News: माचाडोली स्थित अस्पताल परिसर में बीते पांच अक्टूबर की रात उस वक्त भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब एक महिला अपने पति से मिलने उसके क्वार्टर पहुंची और वहां किसी दूसरी महिला को देखकर विवाद भड़क उठा। बात इतनी बढ़ी कि हाथापाई और हथौड़े से हमले तक की नौबत आ गई। मामले में पीड़ित पत्नी की शिकायत पर कटघोरा पुलिस ने अस्पताल के क्लर्क और उसके साथ मौजूद महिला के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दिन में बहस, रात को हुआ हंगामा
पीड़ित महिला के अनुसार, पांच अक्टूबर की सुबह पति के साथ किसी दूसरी महिला से उसके संबंधों को लेकर बहस हुई थी। इसके बाद पति ने साफ कह दिया कि वह रात में घर नहीं लौटेगा। संदेह होने पर महिला ने जब उस दूसरी महिला से फोन पर बात की, तो शक और गहरा गया। इसी के बाद पत्नी अपनी बहन को साथ लेकर रात में माचाडोली अस्पताल पहुंची।
क्वार्टर का दरवाजा खुलते ही भड़की चिंगारी
अस्पताल स्टाफ से जानकारी मिलने पर दोनों बहनें परिसर में स्थित क्लर्क अंशुल सिंह के क्वार्टर पहुंचीं। काफी देर तक खटखटाने के बाद जब पति ने दरवाजा खोला, तो उसने पत्नी को अंदर आने से रोकने की कोशिश की और धक्का-मुक्की करते हुए धमकी दी। जबरन अंदर जाने पर पत्नी ने देखा कि वहां वही महिला पहले से मौजूद थी।
हथौड़े से हमले का प्रयास, चोटें आईं
दूसरी महिला को देखते ही विवाद बढ़ गया। आरोप है कि पति अंशुल सिंह और उसके साथ मौजूद महिला ने दोनों बहनों के साथ जमकर मारपीट की। इस दौरान उन पर हथौड़े से भी वार करने की कोशिश की गई। दोनों पक्षों के बीच हुई इस हाथापाई में चोटें आई हैं, जिसके बाद दोनों बहनें किसी तरह वहां से लौटीं और सीधे थाने पहुंचीं।
पहले भी प्रताड़ित करने और केस में फंसाने की धमकी का आरोप
शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि उसका पति पहले भी उसके साथ मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकियां देता रहा है। इसके अलावा, क्वार्टर में मौजूद महिला पर आरोप है कि उसने बहनों को एससी/एसटी (अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण) एक्ट के झूठे केस में फंसाने की धमकी दी थी।
पुलिस ने दर्ज की FIR
मामले की गंभीरता को देखते हुए कटघोरा पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2), 296, 3(5) और 351(3) के तहत अपराध कायम कर लिया है। पुलिस का कहना है कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है।

