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खदान से मिला 11.19 कैरेट का बेशकीमती हीरा
खदान से मिला 11.19 कैरेट का बेशकीमती हीरा
राष्ट्रीय

मेहनत लाई रंग : किस्मत हो तो ऐसी दो साल पहले 93 लाख, अब फिर मिला 30 लाख का हीरा 

मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में एक आदिवासी परिवार की किस्मत दूसरी बार चमकी है। अहिरगवां की निजी हीरा खदान से 11.19 कैरेट का जेम्स क्वालिटी हीरा मिला है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 30 लाख रुपये है। इससे पहले वर्ष 2024 में इसी परिवार को 19.22 कैरेट का हीरा मिला था, जिसकी नीलामी 93 लाख रुपये में हुई थी।

कीर्तिमान डेस्क
प्रकाशित: 29 Jun 2026, 04:30 PM · अपडेट: 07 Oct 2026, 07:22 PM
मध्यप्रदेश
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश

मध्य प्रदेश का पन्ना जिला एक बार फिर अपनी हीरा नगरी की पहचान पर खरा उतरा है। यहां की धरती ने एक ऐसे आदिवासी परिवार की किस्मत दूसरी बार चमका दी, जो अपनी मेहनत के दम पर जीवन संवारने की कोशिश में जुटा था। दो साल पहले इसी परिवार को लाखों रुपये का हीरा मिला था और अब एक बार फिर खदान से निकले बेशकीमती हीरे ने उन्हें रातों-रात लखपति बनने की राह पर खड़ा कर दिया है। इस घटना की चर्चा पूरे इलाके में हो रही है और लोग इसे मेहनत के साथ किस्मत का अनोखा संगम बता रहे हैं।

खदान में मिला 11.19 कैरेट हीरा

यह हीरा पन्ना जिले के अहिरगवां क्षेत्र स्थित एक निजी खदान से मिला है। सोमवार को नियमित खुदाई के दौरान मजदूरों की नजर एक चमकदार पत्थर पर पड़ी। जांच करने पर पता चला कि वह 11.19 कैरेट का उच्च गुणवत्ता वाला 'जेम्स क्वालिटी' हीरा है। विशेषज्ञों के अनुसार यह बेहद उम्दा श्रेणी का हीरा है और सरकारी नीलामी में इसकी कीमत करीब 30 लाख रुपये या उससे अधिक मिल सकती है। हीरा मिलने के बाद खदान में मौजूद सभी लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। 

दो महीने की मेहनत ने बदल दी तकदीर

इस खदान का सरकारी पट्टा राकेश गौड़ ने इसी वर्ष अप्रैल महीने में लिया था। उन्होंने अपने भाइयों और चार रिश्तेदारों के साथ मिलकर खदान में लगातार मेहनत शुरू की। तेज धूप, धूल और कठिन परिस्थितियों के बीच रोजाना घंटों तक खुदाई की गई। करीब दो महीने तक लगातार प्रयास करने के बाद आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और खदान से यह बहुमूल्य हीरा निकल आया। परिवार का कहना है कि उन्होंने कभी उम्मीद नहीं छोड़ी और आज उसी विश्वास का फल मिला है।

हीरा मिलते ही परिवार की किस्मत बदली 

हीरा मिलने के बाद परिवार ने उसे अपने पास रखने के बजाय तुरंत पन्ना स्थित हीरा कार्यालय पहुंचकर जमा करा दिया। अधिकारियों ने हीरे का परीक्षण किया और उसकी गुणवत्ता की पुष्टि की। अब नियमानुसार इस हीरे को आगामी शासकीय नीलामी में रखा जाएगा। नीलामी से मिलने वाली राशि निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार परिवार को सौंपी जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि नीलामी में अच्छी बोली लगी तो इसकी कीमत अनुमान से भी अधिक मिल सकती है।  

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