मध्य प्रदेश का पन्ना जिला एक बार फिर अपनी हीरा नगरी की पहचान पर खरा उतरा है। यहां की धरती ने एक ऐसे आदिवासी परिवार की किस्मत दूसरी बार चमका दी, जो अपनी मेहनत के दम पर जीवन संवारने की कोशिश में जुटा था। दो साल पहले इसी परिवार को लाखों रुपये का हीरा मिला था और अब एक बार फिर खदान से निकले बेशकीमती हीरे ने उन्हें रातों-रात लखपति बनने की राह पर खड़ा कर दिया है। इस घटना की चर्चा पूरे इलाके में हो रही है और लोग इसे मेहनत के साथ किस्मत का अनोखा संगम बता रहे हैं।
खदान में मिला 11.19 कैरेट हीरा
यह हीरा पन्ना जिले के अहिरगवां क्षेत्र स्थित एक निजी खदान से मिला है। सोमवार को नियमित खुदाई के दौरान मजदूरों की नजर एक चमकदार पत्थर पर पड़ी। जांच करने पर पता चला कि वह 11.19 कैरेट का उच्च गुणवत्ता वाला 'जेम्स क्वालिटी' हीरा है। विशेषज्ञों के अनुसार यह बेहद उम्दा श्रेणी का हीरा है और सरकारी नीलामी में इसकी कीमत करीब 30 लाख रुपये या उससे अधिक मिल सकती है। हीरा मिलने के बाद खदान में मौजूद सभी लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
दो महीने की मेहनत ने बदल दी तकदीर
हीरा मिलते ही परिवार की किस्मत बदली
हीरा मिलने के बाद परिवार ने उसे अपने पास रखने के बजाय तुरंत पन्ना स्थित हीरा कार्यालय पहुंचकर जमा करा दिया। अधिकारियों ने हीरे का परीक्षण किया और उसकी गुणवत्ता की पुष्टि की। अब नियमानुसार इस हीरे को आगामी शासकीय नीलामी में रखा जाएगा। नीलामी से मिलने वाली राशि निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार परिवार को सौंपी जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि नीलामी में अच्छी बोली लगी तो इसकी कीमत अनुमान से भी अधिक मिल सकती है।