अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। अधिवक्ता अनूप अवस्थी ने इस मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग करते हुए याचिका दाखिल की है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने मामले की तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया। अदालत ने पूछा कि इस मामले में इतनी जल्दबाजी की क्या जरूरत है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि नियमित सुनवाई छुट्टियां खत्म होने के बाद की जाएगी।
उधर, मामले की जांच में जुटी पुलिस ने सोमवार सुबह कार्रवाई तेज कर दी। पुलिस की टीम अयोध्या धाम स्थित भारतीय स्टेट बैंक की शाखा पहुंची और जेल में बंद आठ आरोपियों में से सात के बैंक खातों का विवरण लिया। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाएंगी कि मंदिर में नौकरी के दौरान आरोपियों के खातों में कितना पैसा जमा हुआ और लेनदेन का स्वरूप क्या रहा।
मंदिर ट्रस्ट से जुड़े चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव के बयान भी दर्ज
इससे पहले रविवार को मंदिर ट्रस्ट से जुड़े चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव के बयान भी दर्ज किए गए। पुलिस ने तीनों से मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर पूछताछ की। बयान दर्ज होने के बाद चंपत राय दिल्ली रवाना हो गए। सोमवार को सभी आठ आरोपियों को अदालत में पेश किया जाना है। माना जा रहा है कि पुलिस आगे की पूछताछ के लिए आरोपियों की रिमांड की मांग कर सकती है।.
अयोध्या के अधिवक्ताओं की बैठक
इधर, अयोध्या के अधिवक्ताओं की एक बैठक भी हुई। बैठक में निर्णय लिया गया कि चढ़ावा चोरी मामले के आरोपियों की पैरवी कोई भी स्थानीय वकील नहीं करेगा। बैठक में कुछ अधिवक्ताओं ने चंपत राय, गोपाल राव और अनिल मिश्रा से अयोध्या छोड़ने की मांग भी की। ऐसा नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई।
मामले की जांच जारी
फिलहाल मामले की जांच जारी है। पुलिस बैंक खातों, दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे प्रकरण की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई है। मामले पर अब सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई और पुलिस जांच दोनों पर सभी की नजर बनी हुई है।