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Mahasamund Police Press Conference(Image source: Keertiman Media)
Mahasamund Police Press Conference(Image source: Keertiman Media)
महासमुंद

Mahasamund Police Action: खैर लकड़ी तस्करी मामले में हिमाचल प्रदेश से आरोपी गिरफ्तार, 1.70 करोड़ रुपए जब्त

Mahasamund Police Action: महासमुंद पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में खैर लकड़ी की अंतरराज्यीय तस्करी और फर्जी बिलिंग मामले में कार्रवाई की जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, हिमाचल प्रदेश से एक आरोपी गिरफ्तार किया गया है और अब तक 70 टन लकड़ी व 1.70 करोड़ रुपये जब्त किए गए हैं।

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प्रकाशित: 16 Oct 2026, 06:14 PM · 4 मिनट पढ़ने का समय
महासमुंद
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
Mahasamund Police Action: महासमुंद जिले में खैर लकड़ी की अवैध तस्करी और फर्जी बिलिंग के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। अंतरराज्यीय तस्करी से जुड़े इस मामले में पुलिस ने हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले से आरोपी सतपाल सिंह को गिरफ्तार किया है। आरोपी शिव ट्रेडर्स फर्म का संचालक बताया गया है। पुलिस के अनुसार, मामले में अब तक करीब 70 टन अवैध खैर लकड़ी जब्त की जा चुकी है। वहीं, तस्करी से अर्जित करीब 1 करोड़ 70 लाख रुपए की नकदी भी जब्त की गई है।
महासमुंद पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार के मुताबिक, इस मामले में विभिन्न राज्यों में कार्रवाई की गई है। पुलिस की जांच में ओडिशा, मध्यप्रदेश, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश से जुड़े ठिकानों की जानकारी सामने आई है।

हरियाणा की फर्म के गोदाम से मिली 15 टन खैर लकड़ी

पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान हरियाणा के गुरुग्राम स्थित आरोपी फर्म श्री बालाजी ट्रेडिंग के गोदाम में दबिश दी गई। यहां से करीब 15 टन अवैध खैर लकड़ी बरामद हुई, जिसे विधिवत जब्त किया गया।
SP का कहना है कि इस मामले में अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए अब तक कुल 70 टन खैर लकड़ी जब्त की जा चुकी है। जांच का दायरा कई राज्यों तक फैला हुआ है।

फर्जी बिलिंग और एनटीपीएस कोड के दुरुपयोग का आरोप

जांच में सामने आया कि आरोपियों ने कथित तौर पर बिना वास्तविक माल की आपूर्ति के फर्जी बिल प्राप्त किए। इन बिलों को वैध दर्शाने के लिए वन विभाग के फर्जी ट्रांजिट पास तैयार किए गए और एनटीपीएस कोड का दुरुपयोग किया गया।
पुलिस के अनुसार, वित्तीय लेन-देन की जांच में यह भी पता चला कि पिछले तीन वर्षों के दौरान फर्जी बिलों को वैध रूप देने के लिए बैंक खातों में कई बार लेन-देन किया गया। इस मामले में तस्करी से अर्जित करीब 1.70 करोड़ रुपए की नकदी जब्त की गई है।

पहले भी गिरफ्तार हो चुके हैं तीन आरोपी

इस प्रकरण में सतपाल सिंह की गिरफ्तारी से पहले तीन अन्य आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा चुकी है। पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, इनमें मनीष अग्रवाल, पारितोष मिश्रा और अखिलेश सिंघल शामिल हैं।
मनीष अग्रवाल को 3 सितंबर 2026 को, जबकि पारितोष मिश्रा और अखिलेश सिंघल को 14 सितंबर 2026 को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस मामले में आरोपियों की भूमिका और वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है।

हिमाचल प्रदेश से गिरफ्तार आरोपी को महासमुंद लाया गया

पुलिस ने सतपाल सिंह को 12 अक्टूबर 2026 को हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले से गिरफ्तार किया। इसके बाद उसे न्यायालय में पेश कर ट्रांजिट रिमांड प्राप्त किया गया और पुलिस अभिरक्षा में महासमुंद लाया गया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेजने के लिए न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया की जा रही है।

कई धाराओं के तहत जांच जारी

महासमुंद पुलिस के अनुसार, मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS), आर्म्स एक्ट और भारतीय वन अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि अवैध वन उपज परिवहन, कथित धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेजों से जुड़े पहलुओं की जांच जारी है। पुलिस अब तस्करी से जुड़े नेटवर्क, वित्तीय लेन-देन और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की पड़ताल कर रही है। मामले में आगे और कार्रवाई होने की संभावना है।

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