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नव्या मलिक ड्रग्स केस
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MDMA ड्रग्स केस : नव्या मलिक मामले में SIT करेगा हाईप्रोफाइल कनेक्शन की  जांच

रायपुर के चर्चित नव्या मलिक एमडीएमए ड्रग्स मामले की जांच अब पांच सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) को सौंप दी गई है। टीम ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क, मनी ट्रेल, डिजिटल साक्ष्य, अंतरराज्यीय कनेक्शन और कथित हाईप्रोफाइल पार्टियों से जुड़े पहलुओं की जांच करेगी। मामले में ईडी भी कथित अवैध कमाई और आर्थिक लेनदेन की अलग से जांच कर रही है।

कीर्तिमान डेस्क
कीर्तिमान डेस्क
03 Jul 2026, 09:42 AM
रायपुर
रायपुर के चर्चित नव्या मलिक एमडीएमए ड्रग्स मामले की जांच अब विशेष जांच दल (SIT) के हवाले कर दी गई है। इस हाईप्रोफाइल केस की पड़ताल के लिए पांच सदस्यीय टीम बनाई गई है, जिसमें एक सहायक पुलिस आयुक्त (ACP), क्राइम ब्रांच प्रभारी, गंज थाना प्रभारी समेत अन्य अधिकारी शामिल हैं। एसआईटी का मुख्य उद्देश्य ड्रग्स सप्लाई चेन, नेटवर्क और इससे जुड़े पूरे आपराधिक तंत्र की विस्तृत जांच करना होगा। 
यह मामला 23 अगस्त 2025 को तब सुर्खियों में आया, जब एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और गंज थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए देवेंद्र नगर ओवरब्रिज के पास एक कार को रोका। तलाशी के दौरान कार में सवार तीन आरोपियों हर्ष आहूजा (रायपुर), मोनू विश्नोई (हिसार, हरियाणा) और दीप धनोरिया (रायपुर) को गिरफ्तार किया गया। 

पुलिस ने नव्या मलिक को गिरफ्तार किया

पुलिस ने उनके कब्जे से 27.58 ग्राम एमडीएमए ड्रग्स, एक सोनेट कार, 85,300 रुपये नकद और पांच मोबाइल फोन बरामद किए। जब्त सामग्री की कुल कीमत लगभग 20 लाख रुपये आंकी गई थी। इसके बाद नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान मिले सुरागों के आधार पर पुलिस ने मुंबई से नव्या मलिक को गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसियों का दावा है कि वह रायपुर में आयोजित निजी पार्टियों, नाइट क्लबों और हाईप्रोफाइल आयोजनों में एमडीएमए की सप्लाई से जुड़ी हुई थी। आरोप यह भी है कि कई मौकों पर वह स्वयं मौजूद रहकर ड्रग्स उपलब्ध कराती थी। इन आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान साक्ष्यों के आधार पर होगी।
पुलिस द्वारा अदालत में पेश चार्जशीट के अनुसार, ड्रग्स तस्करी का पूरा नेटवर्क मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल माध्यमों के जरिए संचालित किया जा रहा था। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी मोनू विश्नोई के जरिए कई लोगों तक एमडीएमए पहुंचाई गई थी। चार्जशीट में ऋषिराज टंडन, विधि अग्रवाल समेत कुछ अन्य लोगों के नाम ड्रग्स सप्लाई से जुड़े संदर्भ में दर्ज किए गए हैं। वहीं, मोहित ईशरानी द्वारा कथित तौर पर ड्रग्स की सप्लाई के एवज में भुगतान किए जाने का भी उल्लेख किया गया है। 

एसआईटी ने जांच प्रकिया तैयार की 

एसआईटी ने जांच को दो चरणों में पूरा करने की रूपरेखा तैयार की है। पहले चरण में एमडीएमए का स्रोत, सप्लाई नेटवर्क, मनी ट्रेल, हाईप्रोफाइल पार्टियों से जुड़े कनेक्शन और नव्या मलिक समेत अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच की जाएगी। जांच के दूसरे चरण में अंतरराज्यीय कनेक्शन, संभावित संरक्षण और मिलीभगत, डिजिटल फॉरेंसिक विश्लेषण तथा ड्रग्स खरीदने वाले उपभोक्ताओं की पहचान पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। जांच एजेंसी यह भी पता लगाएगी कि इस नेटवर्क के तार अन्य राज्यों या पुराने एनडीपीएस मामलों से जुड़े हैं या नहीं। एसआईटी जांच के दौरान एमडीएमए के मूल स्रोत, सप्लाई चेन, रायपुर, मुंबई और अन्य राज्यों से जुड़े सप्लायरों, कुरियर और रिसीवर की भूमिका की जांच करेगी। इसके साथ ही नव्या मलिक और अन्य आरोपियों की ड्रग्स की खरीद, बिक्री, भंडारण और वितरण में भूमिका का भी विश्लेषण किया जाएगा। 

मनी ट्रेल की होगी जांच

टीम बैंक खातों, यूपीआई लेनदेन, नकद भुगतान और कथित ड्रग कारोबार से जुड़े आर्थिक लेनदेन की भी जांच करेगी। मोबाइल फोन, लैपटॉप, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), व्हाट्सएप चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच भी इस प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा होगी। इसके अलावा निजी पार्टियों, क्लबों, पब और कथित टेक्नो पार्टियों में ड्रग्स की सप्लाई के दावों की जांच की जाएगी। चार्जशीट में दर्ज नामों के अलावा नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित उपभोक्ताओं और सहयोगियों की भी पहचान करने का प्रयास किया जाएगा। इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी कथित अवैध कमाई और मनी ट्रेल की अलग से जांच कर रहा है। ऐसे में यह मामला अब केवल ड्रग्स बरामदगी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके आर्थिक और संगठित अपराध से जुड़े पहलुओं की भी विभिन्न एजेंसियों द्वारा समानांतर जांच की जा रही है। आने वाले दिनों में एसआईटी और ईडी की जांच से इस पूरे नेटवर्क से जुड़े नए तथ्य सामने आने की संभावना है।
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