मेसी की जादुई जुगलबंदी : इंग्लैंड को पटखनी देकर अर्जेंटीना लगातार दूसरी बार फीफा वर्ल्ड कप के फाइनल में
लियोनेल मेसी के शानदार दो असिस्ट की बदौलत अर्जेंटीना ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में इंग्लैंड को 2-1 से हराकर फाइनल में जगह बना ली। अब खिताबी मुकाबले में अर्जेंटीना का सामना स्पेन से होगा।
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कीर्तिमान न्यूज
17 Jul 2026, 08:34 AM
खेल डेस्क
कहते हैं कि चैंपियन खिलाड़ी वो नहीं जो सिर्फ खुद गोल दागे, बल्कि वो है जो हार की कगार पर खड़ी टीम में जीत का हौसला फूंक दे। अटलांटा के मैदान पर फीफा वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में लियोनेल मेसी ने एक बार फिर यही सच साबित कर दिखाया।
सांसें रोक देने वाले इस महामुकाबले में अर्जेंटीना ने इंग्लैंड को 2-1 से धूल चटाकर लगातार दूसरी बार वर्ल्ड कप के फाइनल का टिकट कटा लिया है। हालांकि इस मैच में मेसी का नाम स्कोरशीट पर दर्ज नहीं हुआ, लेकिन उनके पैर से निकले दो जादुई पास (असिस्ट) ने पूरे मैच का पासा ही पलट दिया।
मेसी के ड्रिबलिंग से डिफेंस लाचार
मैच के दौरान एक पल ऐसा आया जिसने मैदान में बैठे दर्शकों से लेकर टीवी स्क्रीन से चिपके फैंस तक, सबकी धड़कनें बढ़ा दीं। मेसी ने हाफ-लाइन के पास से गेंद पर नियंत्रण पाया और बिजली की रफ्तार से आगे बढ़े। उन्होंने अपनी गजब की ड्रिबलिंग से एक नहीं, दो नहीं, बल्कि एक साथ इंग्लैंड के पांच खिलाड़ियों को छकाते हुए आगे का रास्ता नाप लिया। मेसी की इस रफ्तार और जादुई कंट्रोल के आगे इंग्लिश डिफेंस पूरी तरह लाचार नजर आया।
रोकने के लिए फाउल का सहारा
आखिरकार, उन्हें रोकने के लिए इलियट एंडरसन को जानबूझकर फाउल का सहारा लेना पड़ा। इस अविश्वसनीय मूव का वीडियो अब इंटरनेट पर तूफान मचा रहा है। खेल के गलियारों से: सोशल मीडिया पर फैंस का कहना है कि 39 की उम्र में भी मेसी को इस तरह दौड़ते और ड्रिबल करते देखना किसी चमत्कार से कम नहीं है।
इंग्लैंड को 2-1 से दी मात5 मिनट का वो रोमांच, जिसने इंग्लैंड का सपना तोड़ा
मैच की शुरुआत इंग्लैंड के पक्ष में रही थी। इंग्लिश टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और खेल के 55वें मिनट में एंथनी गॉर्डन ने एक शानदार गोल दागकर इंग्लैंड को 1-0 की बढ़त दिला दी। अर्जेंटीना बैकफुट पर थी और समय लगातार निकलता जा रहा था। लेकिन असली ड्रामा तो आखिरी के मिनटों के लिए बचा था।
85वां मिनट (बराबरी का गोल): मेसी ने सूझबूझ दिखाते हुए एक शॉर्ट कॉर्नर लिया। रिटर्न पास मिलते ही उन्होंने बिना समय गंवाए एंजो फर्नांडीज की तरफ एक सटीक पास बढ़ाया। फर्नांडीज ने कोई गलती नहीं की और एक लाजवाब कर्लिंग शॉट मारकर गेंद को नेट में डाल दिया। स्कोर 1-1 से बराबर हो गया।
इंजरी टाइम (जीत का प्रहार): जब लग रहा था कि मैच एक्स्ट्रा टाइम में जाएगा, तभी मेसी ने फिर अपनी क्लास दिखाई। विंग से तेजी से दौड़ते हुए उन्होंने बॉक्स के अंदर एक बेहतरीन क्रॉस डाला। वहां मुस्तैद खड़े लौटारो मार्टिनेज ने हवा में उछलकर एक दमदार हेडर लगाया और अर्जेंटीना को 2-1 की अजेय बढ़त दिला दी।
गोल्डन बूट की रेस में सबसे आगे
इस ऐतिहासिक जीत के बाद डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना का सामना फाइनल में स्पेन की मजबूत टीम से होने जा रहा है। अगर अर्जेंटीना यह फाइनल जीतने में कामयाब रहती है, तो वह लगातार दूसरी बार विश्व कप की ट्रॉफी अपने नाम कर इतिहास रच देगी। पूरे टूर्नामेंट में मेसी न सिर्फ अपनी कप्तानी और अनुभव से टीम को आगे ले जा रहे हैं, बल्कि वह 8 गोल के साथ फिलहाल टूर्नामेंट में 'गोल्डन बूट' की रेस में भी सबसे आगे चल रहे हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या मेसी का यह आखिरी वर्ल्ड कप अभियान एक और सुनहरे अध्याय के साथ खत्म होता है।