लोक भवन में आयोजित विशेष कार्यक्रम के दौरान SOS बालिका गृह, माना की बालिकाओं से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने बालिकाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि वे समाज और राष्ट्र का उज्ज्वल भविष्य हैं। शिक्षा, अनुशासन, आत्मविश्वास और कठिन परिश्रम के बल पर कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। राज्यपाल ने कहा कि डिजिटल युग में जानकारी तेजी से बदलती है, लेकिन पुस्तकों में संचित ज्ञान स्थायी मार्गदर्शन देता है। उन्होंने बालिकाओं को नियमित रूप से अध्ययन की आदत डालने की सलाह दी। विशेष रूप से प्रेरणादायक व्यक्तित्वों की जीवनियां पढ़ने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि इससे संघर्ष और सफलता की वास्तविक कहानियों से सीख मिलती है और जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।
अंगदान और देहदान
Ramen Deka ने कहा कि अंगदान से जरूरतमंद लोगों को नया जीवन मिल सकता है, जबकि देहदान चिकित्सा शिक्षा और शोध के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जो नागरिक यह संकल्प लेते हैं, वे वास्तव में समाज के सच्चे नायक हैं और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करना चाहिए। कार्यक्रम में अंगदान एवं देहदान का संकल्प लेने वाले 75 नागरिकों को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। साथ ही Gaurav Singh को इस क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए विशेष सम्मान प्रदान किया गया। कार्यक्रम में राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, विधिक सलाहकार सत्यभामा दुबे सहित राजभवन के वरिष्ठ अधिकारी, बालिका गृह की बालिकाएं एवं शिक्षक उपस्थित रहे।
बालिका गृह की बेटियों
मानव और जल संरक्षण पर जोर
उन्होंने कहा कि मानव, पशु और प्रकृति के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है। वृक्ष इस संतुलन की आधारशिला हैं, इसलिए अधिक से अधिक वृक्षारोपण किया जाना चाहिए। राज्यपाल ने जल संकट को लेकर चेतावनी देते हुए कहा कि समय रहते जल और पर्यावरण संरक्षण नहीं किया गया तो भविष्य में गंभीर संकट उत्पन्न हो सकता है। राज्यपाल ने चिंता जताते हुए कहा कि आज जो स्थिति बन चुकी है, उसमें हमें पानी भी खरीदकर पीना पड़ रहा है। यह संकेत है कि हमने प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण सही तरीके से नहीं किया। उन्होंने इसे सुधारने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता बताई।
मानवता की सच्ची सेवा
उन्होंने कहा कि अंगदान से कई लोगों को नया जीवन मिलता है, जबकि देहदान चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे संकल्प लेने वाले नागरिक समाज के वास्तविक प्रेरणास्रोत हैं और उन्हें दूसरों को भी जागरूक करना चाहिए। कार्यक्रम में अंगदान एवं देहदान का संकल्प लेने वाले 75 नागरिकों को सम्मानित किया गया। साथ ही Gaurav Singh को भी विशेष योगदान के लिए सम्मान प्रदान किया गया। कार्यक्रम में राजभवन के वरिष्ठ अधिकारी, बालिका गृह की बालिकाएं और शिक्षक उपस्थित रहे।