Sunday, 05 Jul 2026 भारत
ब्रेकिंग
हादसा : बोल्डर की चपेट में आने से 2 मजदूरों की मौत चरित्र संदेह में बेकाबू पति : पत्नी को बुलेट से कुचलने की कोशिश के बाद पहुंचा जेल बारिश बनी आफत : गरियाबंद में 40 साल पुराना कुसुमबोड़ा पुल टूटा,ग्रामीणों की बढ़ी मुश्किलें बारिश बनी आफत : मुंबई में पेड़ गिरने से 63 वर्षीय व्यक्ति की मौत, पुणे में दीवार गिरी रिश्तों का कत्ल : नशेड़ी पिता ने 8 साल की मासूम बेटी से किया दुष्कर्म, मां की शिकायत पर गिरफ्तार पुलिस की गाड़ी देखते ही भागा युवक : अचानक बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में मौत वजह की जांच जारी हादसा : बोल्डर की चपेट में आने से 2 मजदूरों की मौत चरित्र संदेह में बेकाबू पति : पत्नी को बुलेट से कुचलने की कोशिश के बाद पहुंचा जेल बारिश बनी आफत : गरियाबंद में 40 साल पुराना कुसुमबोड़ा पुल टूटा,ग्रामीणों की बढ़ी मुश्किलें बारिश बनी आफत : मुंबई में पेड़ गिरने से 63 वर्षीय व्यक्ति की मौत, पुणे में दीवार गिरी रिश्तों का कत्ल : नशेड़ी पिता ने 8 साल की मासूम बेटी से किया दुष्कर्म, मां की शिकायत पर गिरफ्तार पुलिस की गाड़ी देखते ही भागा युवक : अचानक बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में मौत वजह की जांच जारी
W 𝕏 f
होम लाहौल में कुदरत का कहर, झील बनने से 5 गांवों पर ख…
लाहौल में कुदरत का कहर, झील बनने से 5 गांवों पर खतरा
लाहौल में कुदरत का कहर, झील बनने से 5 गांवों पर खतरा
Featured

लाहौल में कुदरत का कहर, झील बनने से 5 गांवों पर खतरा

हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति में जाहलमा नाले से मलबा और भारी पत्थर गिरने के कारण चंद्रभागा नदी का बहाव रुक गया है। इससे नदी में 1 किलोमीटर लंबी कृत्रिम झील बन गई है। जलस्तर बढ़ने से जोबरंग पुल पूरी तरह डूब गया है। परिणामस्वरूप, रापे, राशेल और जोबरंग सहित आसपास के सभी गांवों का मुख्य सड़क से संपर्क टूट गया है।

विशेष संवाददाता
05 Jul 2026, 04:51 PM
लाहौल

हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले में प्रकृति ने एक बार फिर संकट खड़ा कर दिया है। जाहलमा नाले में लगातार आ रहे मलबे और भारी पत्थरों के कारण चंद्रभागा नदी का बहाव रुक गया है। इससे नदी में 1 किलोमीटर से लंबी झील बन गई है। इस झील के बनने से जोबरंग पुल पूरी तरह डूब चुका है और पानी पुल के ऊपर से बह रहा है। इस स्थिति ने रापे, राशेल और जोबरंग सहित आसपास के गांवों का संपर्क मुख्य सड़क से तोड़ दिया है।

चार साल से जारी है नाले का रौद्र रूप

जाहलमा नाले में बाढ़ और मलबे की समस्या नई नहीं है। पिछले 4 साल से नाला हर मानसून में ग्रामीणों के लिए आफत बना हुआ है। इस नाले में होने वाले भूमि कटाव के कारण स्थानीय लोगों की उपजाऊ जमीनें भी धीरे-धीरे नदी में समा रही हैं। मई महीने में हुए भूस्खलन से नाले पर बना मुख्य पुल पहले ही क्षतिग्रस्त हो चुका है। फिलहाल बीआरओ द्वारा बनाई गई एक अस्थायी पुलिया से लोग किसी तरह काम चला रहे हैं, लेकिन अब नदी में बनी झील ने इस रास्ते को भी असुरक्षित बना दिया है।

पांगी और उदयपुर तक बढ़ा खतरा

इस झील से केवल आसपास के गांव ही नहीं, बल्कि जसरथ और फिरोथ सहित कुल 5 गांवों पर मंडरा रहा है। इसके अलावा झील का जलस्तर अचानक बढ़ने से पांगी घाटी तक खतरा पैदा हो सकता है। दोपहर के बाद मयाड़, जिसपा और जाहलमा नालों में पानी का बहाव काफी तेज हो जाता है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों के लिए सफर करना जान जोखिम में डालने जैसा है।

प्रशासन ने दी यात्रा न करने की सलाह

लाहौल-स्पीति प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए लोगों से बिना जरूरी काम के घाटी में सफर न करने की अपील की है। विधायक अनुराधा राणा ने बताया कि प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है और नदी के बहाव पर लगातार नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि स्थिति का जायजा लेने के लिए अधिकारियों को तैनात किया गया है। जब तक जाहलमा नाले पर नया पुल बनकर तैयार नहीं हो जाता, तब तक मनाली-तांदी मार्ग पर चलने वाले यात्रियों को बेहद संभलकर रहने की जरूरत है। फिलहाल, झील के पानी की निकासी और पुल की बहाली के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
गाइए और छा जाइए
भारत
छत्तीसगढ़
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग
दुर्ग संभाग
बिलासपुर संभाग
सरगुजा संभाग
बस्तर संभाग
विदेश
राजनीति
मनोरंजन
खेल
तकनीक
कारोबार
शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल
कलमकार
डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें