हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले में प्रकृति ने एक बार फिर संकट खड़ा कर दिया है। जाहलमा नाले में लगातार आ रहे मलबे और भारी पत्थरों के कारण चंद्रभागा नदी का बहाव रुक गया है। इससे नदी में 1 किलोमीटर से लंबी झील बन गई है। इस झील के बनने से जोबरंग पुल पूरी तरह डूब चुका है और पानी पुल के ऊपर से बह रहा है। इस स्थिति ने रापे, राशेल और जोबरंग सहित आसपास के गांवों का संपर्क मुख्य सड़क से तोड़ दिया है।
चार साल से जारी है नाले का रौद्र रूप
जाहलमा नाले में बाढ़ और मलबे की समस्या नई नहीं है। पिछले 4 साल से नाला हर मानसून में ग्रामीणों के लिए आफत बना हुआ है। इस नाले में होने वाले भूमि कटाव के कारण स्थानीय लोगों की उपजाऊ जमीनें भी धीरे-धीरे नदी में समा रही हैं। मई महीने में हुए भूस्खलन से नाले पर बना मुख्य पुल पहले ही क्षतिग्रस्त हो चुका है। फिलहाल बीआरओ द्वारा बनाई गई एक अस्थायी पुलिया से लोग किसी तरह काम चला रहे हैं, लेकिन अब नदी में बनी झील ने इस रास्ते को भी असुरक्षित बना दिया है।
पांगी और उदयपुर तक बढ़ा खतरा
इस झील से केवल आसपास के गांव ही नहीं, बल्कि जसरथ और फिरोथ सहित कुल 5 गांवों पर मंडरा रहा है। इसके अलावा झील का जलस्तर अचानक बढ़ने से पांगी घाटी तक खतरा पैदा हो सकता है। दोपहर के बाद मयाड़, जिसपा और जाहलमा नालों में पानी का बहाव काफी तेज हो जाता है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों के लिए सफर करना जान जोखिम में डालने जैसा है।
प्रशासन ने दी यात्रा न करने की सलाह
लाहौल-स्पीति प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए लोगों से बिना जरूरी काम के घाटी में सफर न करने की अपील की है। विधायक अनुराधा राणा ने बताया कि प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है और नदी के बहाव पर लगातार नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि स्थिति का जायजा लेने के लिए अधिकारियों को तैनात किया गया है। जब तक जाहलमा नाले पर नया पुल बनकर तैयार नहीं हो जाता, तब तक मनाली-तांदी मार्ग पर चलने वाले यात्रियों को बेहद संभलकर रहने की जरूरत है। फिलहाल, झील के पानी की निकासी और पुल की बहाली के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
लाहौल-स्पीति प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए लोगों से बिना जरूरी काम के घाटी में सफर न करने की अपील की है। विधायक अनुराधा राणा ने बताया कि प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है और नदी के बहाव पर लगातार नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि स्थिति का जायजा लेने के लिए अधिकारियों को तैनात किया गया है। जब तक जाहलमा नाले पर नया पुल बनकर तैयार नहीं हो जाता, तब तक मनाली-तांदी मार्ग पर चलने वाले यात्रियों को बेहद संभलकर रहने की जरूरत है। फिलहाल, झील के पानी की निकासी और पुल की बहाली के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।