भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' (पड़ोसी पहले) और 'एक्ट ईस्ट' नीति को और मजबूत करने के लिए म्यांमार संघ गणराज्य के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग आज (30 मई) एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत पहुंच चुके हैं। विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, भारत इस यात्रा को लेकर बेहद उत्सुक है और इस दौरान दोनों देशों के बीच सीमा सुरक्षा, कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स और आर्थिक सहयोग सहित द्विपक्षीय संबंधों के सभी अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
शुक्रवार को नई दिल्ली में साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि म्यांमार के राष्ट्रपति का यह दौरा दोनों देशों के सभ्यतागत और दोस्ताना संबंधों को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगा।
महाबोधि मंदिर में की पूजा-अर्चना
तय कार्यक्रम के अनुसार, राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग आज सुबह 9:00 बजे बिहार के गया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचे। इसके बाद उन्होंने:
सुबह 10:20 बजे: विश्व प्रसिद्ध महाबोधि मंदिर का दौरा किया और वहां प्रार्थना की।
दुपहर 1:00 बजे: बकरौर स्थित ऐतिहासिक सुजाता मंदिर का भ्रमण किया।
इस आध्यात्मिक यात्रा के बाद, राष्ट्रपति ह्लाइंग आज शाम 4:30 बजे दिल्ली के पालम एयरफोर्स स्टेशन (AFS) पहुंचेंगे। दिल्ली आगमन के तुरंत बाद, शाम 6:30 बजे विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर होटल आईटीसी मौर्य में उनसे मुलाकात करेंगे, जहां द्विपक्षीय वार्ता का एजेंडा तय किया जाएगा।
पीएम मोदी और राष्ट्रपति मुर्मु से मुलाकात का पूरा शेड्यूल
म्यांमार के राष्ट्रपति के साथ एक बड़ा बिजनेस डेलिगेशन और कई कैबिनेट मंत्री भी भारत आए हैं। 4 दिनों के इस दौरे का पूरा टाइमलाइन इस प्रकार है:
31 मई 2026: बिजनेस और ट्रेड पर फोकस
सुबह 10:00 बजे: नई दिल्ली में 'म्यांमार-भारत व्यापार मंच' (Myanmar-India Business Forum) का आयोजन होगा, जिसमें दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को मजबूत करने और निवेश बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
1 जून 2026: शिखर वार्ता और द्विपक्षीय समझौते
सुबह 11:30 बजे: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति ह्लाइंग के बीच हैदराबाद हाउस में मुख्य द्विपक्षीय बैठक होगी। इसमें सीमा सुरक्षा, फ्री मूवमेंट रिजीम (FMR) और कलादान मल्टी-मोडल प्रोजेक्ट जैसी कनेक्टिविटी परियोजनाओं पर बात हो सकती है।
दोपहर 12:55 बजे: दोनों नेता हैदराबाद हाउस से संयुक्त प्रेस वक्तव्य (Press Statement) जारी करेंगे।
शाम 4:15 बजे: राष्ट्रपति भवन में माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के साथ उनकी शिष्टाचार भेंट होगी।
शाम 5:00 बजे: वे राय पिथोरा सांस्कृतिक परिसर में विशेष रूप से आयोजित प्रदर्शनी ‘द लाइट एंड द लोटस: रेलिक्स ऑफ द अवेकन्ड वन’ का अवलोकन करेंगे।
2 और 3 जून 2026: मुंबई दौरा और विदाई
2 जून (सुबह 11:30 बजे): राष्ट्रपति ह्लाइंग मुंबई के आर्थिक दौरे के लिए नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरेंगे। वे यहाँ भारत के प्रमुख बिजनेस लीडर्स और औद्योगिक घरानों के साथ बैठकें करेंगे।
2 जून (शाम 7:00 बजे): राजभवन (लोक भवन) में महाराष्ट्र के राज्यपाल के साथ उनकी बैठक होगी।
3 जून (सुबह 10:30 बजे): म्यांमार का उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भारत से वापस रवाना हो जाएगा।
कूटनीतिक रूप से क्यों बेहद खास है यह दौरा?
विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में साफ किया है कि म्यांमार, भारत की तीन सबसे महत्वपूर्ण नीतियों—नेबरहुड फर्स्ट (Neighbourhood First), एक्ट ईस्ट (Act East) और महासागर नीति (SAGAR Policy) के केंद्र में स्थित है।
"भारत और म्यांमार के बीच संबंधों से जुड़े सभी मुद्दों पर बातचीत होगी। हमारा विचार यह है कि हम म्यांमार के साथ अपने सभ्यता से जुड़े, ऐतिहासिक और दोस्ताना संबंधों को आगे बढ़ाएं।" — रणधीर जायसवाल, प्रवक्ता, विदेश मंत्रालय
अप्रैल में कीर्ति वर्धन सिंह ने सौंपी थी पीएम मोदी की चिट्ठी
इस दौरे की नींव पिछले महीने ही रख दी गई थी। अप्रैल में भारत के विदेश राज्य मंत्री (MoS) कीर्ति वर्धन सिंह राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग के आधिकारिक शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने म्यांमार गए थे। 10 अप्रैल को हुई उस मुलाकात में उन्होंने पीएम मोदी की ओर से बधाई पत्र सौंपा था और म्यांमार के विकास व सुरक्षा में भारत के निरंतर सहयोग का भरोसा दिया था। विशेषज्ञों का मानना है कि इस यात्रा से न सिर्फ दोनों देशों के बीच व्यापारिक और आर्थिक संबंध मजबूत होंगे, बल्कि उत्तर-पूर्व (North-East) भारत की सुरक्षा और स्थिरता के लिहाज से भी यह दौरा मील का पत्थर साबित होगा।
