कलेक्टर विश्वदीप के मार्गदर्शन तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला बीजापुर के नेतृत्व में विकासखंड भैरमगढ़ के दुर्गम क्षेत्र नूगुर और उसके आश्रित ग्रामों में यूनिवर्सल हेल्थ स्क्रीनिंग शिविर आयोजित किया गया। इस अभियान का उद्देश्य ग्रामीणों तक स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाना और उनकी स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाना था।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और लंबी दूरी तय कर ग्रामीणों तक पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाओं की मिसाल पेश की। शिविर में ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर दीपक कुमार देवांगन, सेक्टर सुपरवाइजर कुटरू के.पी. बीरवंश, अतुल कुशवाह (RHO मेल), राजू पुंगेठी (RHO मेल), कुमारी रीता फुलमादरी (ANM), दीप्ति खेस (CHO बेदरे), आकृति भगत (CHO मुरकिनार) और मनोरमा तोकल (ANM) ने सक्रिय भूमिका निभाई। उप स्वास्थ्य केंद्र नूगुर, विकासखंड मुख्यालय से लगभग 90 किलोमीटर दूर स्थित है।
यहाँ पहुँचने के लिए टीम को लगभग 2 किलोमीटर चौड़ी इंद्रावती नदी पार करनी पड़ी। लंबे समय तक नक्सल प्रभाव और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण यह क्षेत्र सरकारी योजनाओं से दूर रहा, लेकिन अब शासन की योजनाएं धीरे-धीरे गांवों तक पहुंच रही हैं।
शिविर में स्वास्थ्य सेवाओं का व्यापक प्रसार
स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि पहले ग्रामीण स्वास्थ्य जांच और बच्चों के टीकाकरण से कतराते थे। अब ग्रामीण स्वयं आगे आकर स्वास्थ्य परीक्षण करवा रहे हैं और बच्चों का नियमित टीकाकरण करवा रहे हैं। इस पहल से ग्रामीणों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और विश्वास बढ़ा है।
शिविर में किए गए परीक्षण का विवरण
- ग्राम नूगुर: कुल मरीज 207; एनसीडी स्क्रीनिंग 75; बुखार 3; खुजली 5; एएनसी 1; अन्य 123
- ग्राम हिंगमेटा: कुल मरीज 125; एनसीडी स्क्रीनिंग 42; बुखार 0; खुजली 2; अन्य 81
- ग्राम हुर्रागवाली: कुल मरीज 310; एनसीडी स्क्रीनिंग 115; बुखार 5; खुजली 3; अन्य 187
तीनों ग्रामों में कुल 642 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। शिविर में मरीजों को आवश्यक दवाइयाँ प्रदान की गईं और गंभीर मामलों को आगे उपचार हेतु सलाह दी गई।
भविष्य की उम्मीद
स्वास्थ्य विभाग का यह प्रयास न केवल दुर्गम क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुँचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि ग्रामीणों में विश्वास, जागरूकता और बेहतर स्वास्थ्य भविष्य की उम्मीद भी जगाता है। इस प्रकार, नूगुर और उसके आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच मजबूत होती जा रही है।
