बिलासपुर रेलवे का बड़ा कदम: टिकट चेकिंग स्टाफ अब बॉडी कैमरों से रहेंगे लैस, यात्रियों से विवाद और बदसलूकी पर लगेगी लगाम भारतीय रेलवे यात्रियों के सफर को सुरक्षित बनाने और अपनी सेवाओं में पारदर्शिता लाने के लिए लगातार तकनीक का सहारा ले रही है। इसी कड़ी में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर रेल मंडल ने एक बेहतरीन पहल की है। मंडल ने अपने टिकट चेकिंग स्टाफ (TTEs) को बॉडी वॉर्न कैमरे (शरीर पर पहने जाने वाले कैमरे) सौंपे हैं। इस कदम का मुख्य उद्देश्य टिकट चेकिंग के दौरान होने वाले विवादों को रोकना और महिला रेल कर्मियों को सुरक्षित माहौल देना है।
अब तक 140 रेल कर्मियों को मिले कैमरे
बिलासपुर रेल मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (Sr. DCM) अनुराग कुमार सिंह के नेतृत्व में इस योजना को तेजी से लागू किया जा रहा है। विभाग ने पहले चरण में 50 कर्मचारियों को ये कैमरे दिए थे, जिसके बाद बीते 4 जुलाई को 90 और टिकट चेकिंग स्टाफ को कैमरों का वितरण किया गया। अब मंडल में कुल 140 रेल कर्मी इन आधुनिक कैमरों से लैस होकर ट्रेनों और स्टेशनों पर ड्यूटी कर रहे हैं। इस पहल में सभी महिला टिकट चेकिंग स्टाफ को विशेष रूप से शामिल किया गया है।
विवादों का तुरंत होगा निपटारा
अक्सर ट्रेनों में टिकट चेकिंग के दौरान यात्रियों और रेल कर्मियों के बीच बहस या बदसलूकी की खबरें आती रहती हैं। कई बार यह तय करना मुश्किल हो जाता है कि गलती किसकी थी।
ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग: इन कैमरों में बातचीत और पूरी घटना का लाइव रिकॉर्ड दर्ज रहेगा।
निष्पक्ष जांच: किसी भी तरह के विवाद या शिकायत की स्थिति में इस फुटेज को सबूत के तौर पर देखा जाएगा, जिससे दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।
झूठे आरोपों से बचाव: इससे जहां एक तरफ यात्रियों के साथ होने वाले दुर्व्यवहार पर रोक लगेगी, वहीं दूसरी तरफ रेल कर्मियों पर लगने वाले झूठे आरोपों की सच्चाई भी सामने आ सकेगी।
महिला कर्मचारियों की सुरक्षा और बढ़ेगा हौसला
ट्रेनों में देर रात या भीड़भाड़ के बीच ड्यूटी करना महिला रेल कर्मियों के लिए काफी चुनौतीपूर्ण होता है। सीनियर डीसीएम अनुराग कुमार सिंह ने इस संबंध में बताया कि: "यह पहल खासकर हमारी महिला कर्मचारियों की सुरक्षा और उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने में बेहद मददगार साबित होगी। बिलासपुर मंडल आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करके यात्रियों को एक सुरक्षित, पारदर्शी और बेहतर यात्रा अनुभव देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।" रेलवे के इस फैसले की सराहना आम यात्रियों के बीच भी हो रही है, क्योंकि कैमरे की निगरानी होने से न केवल टिकट चेकिंग की प्रक्रिया सुधरेगी, बल्कि दलालों और बिना टिकट यात्रा करने वाले अराजक तत्वों पर भी शिकंजा कसा जा सकेगा।