जिले के कोटा थाना क्षेत्र के ग्राम भाड़म में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया। खेत की घेराबंदी के दौरान करंट की चपेट में आने से एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में मां और उसके दो बेटे शामिल हैं। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है, जबकि पुलिस मामले की जांच कर रही है।
खेत की घेराबंदी के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, 3 जुलाई की सुबह दसन बाई अपने खेत में मवेशियों को प्रवेश से रोकने के लिए जीआई तार और नायलॉन रस्सी से मेड़ की घेराबंदी कर रही थीं। उनके साथ 23 वर्षीय विवेक सिंगरौल और 14 वर्षीय सत्यव्रत सिंगरौल भी काम में हाथ बंटा रहे थे। इसी दौरान अचानक तीनों करंट की चपेट में आ गए। करंट इतना तेज था कि तीनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
शाम तक घर नहीं लौटे तो शुरू हुई तलाश
मृतका के पति सीताराम सिंगरौल, जो पेशे से चालक हैं, शाम को घर लौटे तो पत्नी और दोनों बेटे घर पर नहीं मिले। काफी देर तक आसपास खोजबीन करने के बाद वे खेत पहुंचे, जहां तीनों के शव पड़े मिले। यह मंजर देखकर परिवार और आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। इसके बाद तुरंत कोटा थाना पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस ने शुरू की जांच
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। देर शाम होने के कारण उसी दिन पोस्टमार्टम नहीं कराया जा सका। शनिवार को तीनों शवों का पोस्टमार्टम कराने के बाद उन्हें अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया।
करंट कैसे फैला, जांच के बाद होगा खुलासा
प्रारंभिक जांच में करंट लगने से मौत की पुष्टि हुई है। हालांकि खेत की घेराबंदी के दौरान करंट कैसे प्रवाहित हुआ और हादसे की असली वजह क्या थी, इसका खुलासा अभी नहीं हो सका है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
गांव में शोक की लहर
एक ही परिवार के तीन सदस्यों की असमय मौत से पूरे ग्राम भाड़म में मातम पसरा हुआ है। ग्रामीणों ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है। गांव में हर कोई इस दर्दनाक हादसे की चर्चा कर रहा है।