छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। लुंड्रा थाना क्षेत्र के ग्राम नागम में रविवार को हल्की बारिश के दौरान अचानक आकाशीय बिजली गिरने से चार बच्चे इसकी चपेट में आ गए। कुछ ही पल पहले तक खेल रहे बच्चों पर बिजली गिरते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई। हादसा इतना भीषण था कि दो बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो सगे भाई गंभीर रूप से झुलस गए। इस घटना ने पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है।
ग्रामीणों ने तुरंत अस्पताल पहुंचाया
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बिजली गिरते ही आसपास मौजूद ग्रामीण घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। लोगों ने बिना समय गंवाए सभी बच्चों को निजी वाहनों और एंबुलेंस की मदद से नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद दो बच्चों को मृत घोषित कर दिया। वहीं गंभीर रूप से घायल दोनों सगे भाइयों को तत्काल उपचार के लिए भर्ती किया गया। चिकित्सकों का कहना है कि दोनों बच्चों का इलाज जारी है और फिलहाल उनकी हालत पहले से बेहतर है।
सूचना मिलते ही सक्रिय हुआ प्रशासन
घटना की जानकारी मिलते ही लुंड्रा थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर हादसे की जानकारी जुटाई और पंचनामा की कार्रवाई शुरू की। प्रशासन ने भी पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें हरसंभव सहायता देने का भरोसा दिलाया। अधिकारियों ने बताया कि शासन के नियमानुसार प्रभावित परिवारों को राहत सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
दो मासूमों की मौत से गांव में शोक का माहौल
इस हादसे के बाद ग्राम नागम में शोक का माहौल है। जिन परिवारों ने अपने बच्चों को खोया है, उनके घरों में मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव के लोग उन्हें ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं। गांव में हर किसी की जुबान पर इस दर्दनाक हादसे की चर्चा है। एक ही घटना में दो मासूमों की मौत और दो बच्चों के घायल होने से पूरा इलाका स्तब्ध है।
बारिश में आकाशीय बिजली का खतरा
मानसून के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश के दौरान खुले मैदान, खेत, ऊंचे स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े रहना बेहद खतरनाक हो सकता है। ऐसे समय में लोग यदि सावधानी बरतें तो कई हादसों से बचा जा सकता है।
प्रशासन ने जारी की सुरक्षा संबंधी अपील
हादसे के बाद प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि मौसम खराब होने पर अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। गरज-चमक या बिजली कड़कने के दौरान खुले स्थान, खेत, तालाब और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें। यदि बाहर हों तो तुरंत किसी पक्के भवन या सुरक्षित स्थान पर शरण लें। प्रशासन ने लोगों से मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने और सतर्क रहने की भी अपील की है।