सरगुजा और बिलासपुर संभाग सहित पूरे छत्तीसगढ़ में मानसून पूरी तरह सक्रिय है। कई जिलों में लगातार मूसलाधार बारिश हो रही है। लगातार बारिश के कारण कोरबा जिले के नदी-नाले उफान पर हैं। हसदेव नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की अपील की है।
दर्री बांध का गेट खोला गया, बढ़ा जलप्रवाह
हसदेव नदी पर स्थित दर्री बांध में लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए गेट नंबर-4 खोल दिया गया है। सहायक नदी तान से बड़ी मात्रा में पानी आने के कारण बांध में जलस्तर तेजी से बढ़ा। गेट खुलने के बाद नदी में पानी का बहाव और तेज हो गया, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बनने लगे हैं।
प्रशासन अलर्ट, लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने की तैयारी
संभावित खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन एवं राहत दल को सतर्क कर दिया है। निचले इलाकों को खाली कराने और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।1 जून से अब तक 260.48 मिमी बारिश दर्ज
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, कोरबा जिले में 1 जून से 7 जुलाई 2026 के बीच कुल 260.48 मिमी वर्षा दर्ज की जा चुकी है। लगातार हो रही बारिश के चलते जिले के जलाशयों और नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।
बांगो बांध में भी तेजी से बढ़ा जलस्तर
बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार, 1 जून 2026 को बांगो बांध में जलभराव 51.23 प्रतिशत था, जो मानसून सक्रिय होने के बाद बढ़कर 60.40 प्रतिशत पहुंच गया है। जलस्तर में लगातार वृद्धि को देखते हुए प्रशासन पूरी स्थिति पर निगरानी रख रहा है। संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन निचले इलाकों में लाउडस्पीकर के माध्यम से मुनादी करा रहा है।
17 जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट
लोगों से अपील की जा रही है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं, ताकि जन-धन की हानि से बचा जा सके। मौसम विभाग के अनुसार, छत्तीसगढ़ में मानसूनी सिस्टम सक्रिय बना हुआ है। सरगुजा से लेकर बस्तर संभाग तक कई स्थानों पर बारिश जारी है। विभाग ने प्रदेश के 17 जिलों के लिए भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। कोरबा में भी गरज-चमक के साथ तेज बारिश की चेतावनी दी गई है और लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई है।