लंबी लाइनों और ओवरलोडिंग का झंझट खत्म
फॉल्ट हुआ भी तो छोटा इलाका ही होगा प्रभावित
- बिजली लाइनों (फीडर) की लंबाई कम होने से अगर किसी एक हिस्से में तकनीकी खराबी आती है, तो उसका असर केवल सीमित दायरे में रहेगा।
पूरे शहर या पूरे मोहल्ले की बिजली एक साथ बंद नहीं होगी।
खराबी मिलने और उसे ठीक करने में कर्मचारियों को कम समय लगेगा।
ये क्षेत्र होंगे लाभान्वित
5 MVA क्षमता वाले इस उपकेंद्र से सिर्फ आम नागरिक ही नहीं, बल्कि व्यावसायिक और औद्योगिक इकाइयां भी सीधे तौर पर लाभान्वित होंगी। मुख्य लाभान्वित क्षेत्र: न्यू गोंदवारा औद्योगिक क्षेत्र, गोंदवारा गांव, सरदार पटेल मार्केट और भनपुरी। इसके अलावा, नए फीडरों के शुरू होने से विजय लक्ष्मी फीडर, उमिया मार्केट और टिम्बर मार्केट फीडर का ओवरलोड कम होगा। इससे उन उपभोक्ताओं को भी सुचारू बिजली मिलेगी जो सीधे तौर पर इस नए सब-स्टेशन से नहीं जुड़े हैं।एक नज़र में परियोजना के आंकड़े:
कुल लागत: ₹2.31 करोड़ (मुख्यमंत्री विद्युत अधोसंरचना विकास योजना के तहत)
क्षमता: 5 MVA
नई लाइनें: 0.6 किलोमीटर (33 केवी) और 1.7 किलोमीटर (11 केवी)
नए फीडर: 3 (11 केवी क्षमता)
लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान रायपुर शहर के मुख्य अभियंता संजीव सिंह, अतिरिक्त मुख्य अभियंता सलिल खरे, अधीक्षण अभियंता महेश ठाकुर सहित बिजली विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और कार्यपालन अभियंता उपस्थित रहे।
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