मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि शासन-प्रशासन की सफलता का असली पैमाना जनता के प्रति संवेदनशीलता और कार्य के प्रति जवाबदेही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अधिकारी केवल समस्याएं सुनने तक सीमित न रहें, बल्कि उनका त्वरित और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करें, ताकि नागरिकों को कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।
बेमेतरा जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित इस बैठक में बेमेतरा, दुर्ग, राजनांदगांव, कबीरधाम तथा खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिलों के कलेक्टर, एसपी और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में विकास योजनाओं, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों, कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यों की गहन समीक्षा की गई। अन्य जिलों के अधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी प्रगति रिपोर्ट ली गई।
सुशासन और जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुशासन तभी सार्थक है जब नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए भटकना न पड़े। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक शिकायत और आवेदन का गंभीरता से निराकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक संवेदनशीलता ही सुशासन की आत्मा है और यह केवल दायित्व नहीं बल्कि नैतिक जिम्मेदारी भी है। मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन को एक प्रभावी और भरोसेमंद प्रणाली के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे नागरिक आसानी से शिकायत दर्ज करा सकेंगे और उच्च स्तर पर निगरानी के कारण समयबद्ध समाधान सुनिश्चित होगा। यह प्रणाली शासन और जनता के बीच दूरी को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।राजस्व मामलों के त्वरित निराकरण के निर्देश
बैठक में मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग के लंबित मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा। उन्होंने नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और अभिलेख सुधार जैसे मामलों का समयबद्ध निपटारा करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने पेयजल आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा करते हुए गर्मी के मौसम में पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग को दवाइयों और संसाधनों की अग्रिम तैयारी करने को कहा। साथ ही सुशासन तिहार के माध्यम से प्राप्त शिकायतों के त्वरित समाधान पर भी जोर दिया।
कृषि, ईंधन और किसानों के हितों पर फोकस
मुख्यमंत्री ने डीजल-पेट्रोल के विवेकपूर्ण उपयोग पर बल देते हुए अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई के निर्देश दिए। खरीफ सीजन की तैयारियों की समीक्षा में उन्होंने खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। डीएपी की कमी को देखते हुए वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। बैठक में ‘ड्रोन दीदी’ योजना को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए ताकि महिलाओं को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाया जा सके। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, आयुष्मान भारत, पीएम सूर्य घर योजना और ग्रामीण सड़क योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।शिक्षा, कानून-व्यवस्था और समापन संदेश
मुख्यमंत्री ने शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, सड़क सुरक्षा मजबूत करने और नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। अंत में उन्होंने कहा कि सभी विभाग समन्वय और जवाबदेही के साथ कार्य करें, ताकि छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित किया जा सके।