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खराब सड़क से स्कूल जाते बच्चे
खराब सड़क से स्कूल जाते बच्चे
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सड़क बनी मुसीबत : कीचड़ भरे रास्ते से स्कूल जाने को मजबूर बच्चे, 3 किमी सड़क के लिए 25 साल से इंतजार

खरगोन जिले के कुम्हारखेड़ा से कुकडोल तक 3 किलोमीटर लंबी सड़क पिछले 25 वर्षों से बदहाल है। खराब मार्ग के कारण स्कूली बच्चों, किसानों और ग्रामीणों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के दिनों में सड़क कीचड़ और गड्ढों में बदल जाती है, जिससे आवागमन मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों ने कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से सड़क निर्माण की मांग की, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो सका है।

कीर्तिमान डेस्क
कीर्तिमान डेस्क
11 Jul 2026, 04:50 PM
इंदौर
खरगोन जिले की भगवानपुरा विधानसभा क्षेत्र के कुम्हारखेड़ा से कुकडोल तक करीब 3 किलोमीटर लंबी सड़क की हालत बेहद खराब है। ग्रामीणों के अनुसार, यह मार्ग पिछले कई वर्षों से जर्जर स्थिति में है। सड़क निर्माण को लेकर गांव के लोग, विद्यार्थी और किसान लगातार शासन-प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों से मांग करते आ रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है। स्कूल जाने वाले बच्चों की बढ़ी परेशानी गोगावां विकासखंड के हायर सेकेंडरी स्कूल कुकडोल में कुम्हारखेड़ा गांव से 35 से अधिक विद्यार्थी पढ़ने जाते हैं।

स्कूल जाने वाले बच्चों की बढ़ी परेशानी

खराब सड़क के कारण बच्चों को रोजाना कीचड़, गड्ढों और बरसाती पानी से होकर गुजरना पड़ता है। कई बार हालात इतने खराब हो जाते हैं कि विद्यार्थियों को समय से काफी पहले घर से निकलना पड़ता है, ताकि वे किसी तरह स्कूल पहुंच सकें। बारिश में रास्ता बन जाता है मुश्किल बारिश के दिनों में यह सड़क पूरी तरह दलदल में बदल जाती है। जगह-जगह बने गड्ढों में पानी भर जाने से वाहन चलाना तो दूर, पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि आपात स्थिति में मरीजों और बुजुर्गों को भी इस रास्ते से ले जाना काफी कठिन हो जाता है। 

बारिश में रास्ता बन जाता है मुश्किल

ग्रामीणों का कहना है कि हर बार उन्हें जल्द सड़क बनाने का भरोसा मिलता है, लेकिन जमीन पर अब तक कोई बड़ा काम शुरू नहीं हुआ है। चुनाव के समय याद आती है सड़क की समस्या ग्रामीणों का आरोप है कि चुनाव के समय जनप्रतिनिधि सड़क निर्माण का आश्वासन देते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद यह समस्या फिर नजरअंदाज हो जाती है। वर्षों से खराब पड़े इस मार्ग के कारण लोगों को हर मौसम में परेशानी झेलनी पड़ रही है। खासकर बारिश के समय स्थिति और ज्यादा खराब हो जाती है। 

लंबे समय से चल रही सड़क निर्माण की मांग

उन्होंने बताया कि खराब सड़क के कारण उन्हें रोजाना अतिरिक्त समय लगाना पड़ता है। जूते-चप्पल हाथ में लेकर जाते हैं बच्चे विद्यार्थियों ने बताया कि बारिश के मौसम में रास्ते से निकलने पर कपड़े और जूते खराब हो जाते हैं। कई बार उन्हें जूते-चप्पल हाथ में लेकर कीचड़ पार करना पड़ता है। शासन की ओर से मिली निशुल्क साइकिल योजना का लाभ भी उन्हें पूरी तरह नहीं मिल पा रहा है, क्योंकि इस सड़क पर साइकिल चलाना काफी मुश्किल है। किसानों को भी उठानी पड़ रही परेशानी सड़क खराब होने का असर किसानों पर भी पड़ रहा है।

चुनाव के समय याद आती है सड़क की समस्या

ग्रामीणों ने खुद संभाली सड़क की जिम्मेदारी कुम्हारखेड़ा और कुकडोल के सरपंच आपसी सहयोग से समय-समय पर सड़क के बड़े गड्ढों में मुरूम और पत्थर डलवाते हैं। इससे कुछ दिनों के लिए लोगों को राहत मिलती है, लेकिन बारिश के बाद सड़क फिर उसी स्थिति में पहुंच जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि अस्थायी उपायों से अब काम नहीं चलेगा, स्थायी सड़क निर्माण जरूरी है। अब भी सड़क निर्माण का इंतजार ग्रामीण, विद्यार्थी और किसान लंबे समय से इस समस्या का समाधान चाहते हैं। उनका कहना है कि सड़क बनने से स्कूल जाने वाले बच्चों, किसानों और आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। अब सभी की नजरें प्रशासन पर हैं कि कब तक इस जर्जर मार्ग का स्थायी समाधान किया जाता है।
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