Friday, 11 Sep 2026 भारत
ब्रेकिंग
Amazon Warehouse Raipur: सिलतरा के गोदाम में कर्मचारियों ने लगाए गंभीर आरोप, वॉशरूम में कैमरा लगाने की शिकायत Elephant Rescue: रायगढ़ के जंगल में हाथियों के दल से बिछड़ा 2 साल का शावक, वन विभाग कर रहा निगरानी Raipur Cyber Crime: शेयर ट्रेडिंग में मुनाफे का झांसा देकर रायपुर के कारोबारी से 96 लाख की ठगी Raipur Spa Center Raid: देवेंद्र नगर के स्पा सेंटर में पुलिस कार्रवाई, दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज Excise Department Action: राजनांदगांव में ओवररेट शराब बिक्री का मामला, आबकारी उप निरीक्षक निलंबित 8th Pay Commission: पुरानी पेंशन स्कीम और सैलरी हाइक को लेकर कर्मचारी संगठनों की मांगें तेज Amazon Warehouse Raipur: सिलतरा के गोदाम में कर्मचारियों ने लगाए गंभीर आरोप, वॉशरूम में कैमरा लगाने की शिकायत Elephant Rescue: रायगढ़ के जंगल में हाथियों के दल से बिछड़ा 2 साल का शावक, वन विभाग कर रहा निगरानी Raipur Cyber Crime: शेयर ट्रेडिंग में मुनाफे का झांसा देकर रायपुर के कारोबारी से 96 लाख की ठगी Raipur Spa Center Raid: देवेंद्र नगर के स्पा सेंटर में पुलिस कार्रवाई, दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज Excise Department Action: राजनांदगांव में ओवररेट शराब बिक्री का मामला, आबकारी उप निरीक्षक निलंबित 8th Pay Commission: पुरानी पेंशन स्कीम और सैलरी हाइक को लेकर कर्मचारी संगठनों की मांगें तेज
W 𝕏 f
होम शिक्षा RTE पर कोर्ट की सख्ती : 400 स्कूलों में एक भी आवे…
आरटीई में प्रवेश धीमी, कोर्ट ने जताई नाराजगी
आरटीई में प्रवेश धीमी, कोर्ट ने जताई नाराजगी
शिक्षा

RTE पर कोर्ट की सख्ती : 400 स्कूलों में एक भी आवेदन नहीं, सरकार से मांगा जवाब

छत्तीसगढ़ में शिक्षा के अधिकार (RTE) के तहत कक्षा पहली में दाखिले की धीमी प्रक्रिया पर हाई कोर्ट ने गंभीर नाराजगी जताई है। राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया कि लगभग 387 स्कूलों में RTE के तहत एक भी आवेदन नहीं आया है, जिनमें अधिकतर बड़े निजी स्कूल शामिल हैं। इसके अलावा 366 स्कूलों में सीटों के मुकाबले आवेदन बेहद कम हैं। इस पर हाई कोर्ट ने हैरानी जताते हुए सवाल किया कि क्या गरीब बच्चे बड़े स्कूलों में पढ़ना नहीं चाहते या फिर प्रक्रिया में कोई गड़बड़ी है। अदालत ने यह भी आशंका जताई कि सरकार कहीं महत्वपूर्ण जानकारी छिपा तो नहीं रही है। डिवीजन बेंच ने शिक्षा सचिव को निर्देश दिया है कि वे 10 जुलाई तक शपथ पत्र के साथ विस्तृत जवाब प्रस्तुत करें। साथ ही कोर्ट ने RTE के तहत सीटों और प्रवेश प्रक्रिया की जानकारी ऑनलाइन सार्वजनिक करने का आदेश दिया है, ताकि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे और अधिक से अधिक बच्चों को इसका लाभ मिल सके।

कीर्तिमान डेस्क
कीर्तिमान डेस्क
08 May 2026, 03:53 PM
रायपुर
जल्द आ रहा है सारांश सुनने की सुविधा जल्द उपलब्ध होगी

छत्तीसगढ़ में शिक्षा का अधिकार (RTE) के तहत कक्षा पहली में प्रवेश प्रक्रिया की धीमी गति को लेकर हाई कोर्ट ने गंभीर नाराजगी जताई है। इस मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने राज्य सरकार से विस्तृत जवाब मांगा और पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठाए। हाई कोर्ट ने कहा कि जब कानून के तहत गरीब बच्चों को निजी स्कूलों में दाखिले का अधिकार दिया गया है, तो आवेदन की इतनी कम संख्या चिंता का विषय है।

400 से अधिक स्कूलों में शून्य आवेदन

राज्य सरकार ने कोर्ट को जानकारी दी कि प्रदेश के करीब 387 स्कूल ऐसे हैं जहां RTE के तहत प्रवेश के लिए एक भी आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। इसके अलावा 366 स्कूलों में सीटों की तुलना में आवेदन बेहद कम आए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से अधिकांश प्रतिष्ठित और बड़े निजी स्कूल शामिल हैं। इस आंकड़े को देखकर हाई कोर्ट ने आश्चर्य जताया और सवाल किया कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है।

कोर्ट का तीखा सवाल – क्या गरीब बच्चे बड़े स्कूलों में नहीं जाना चाहते?

सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से सीधा सवाल किया कि क्या वास्तव में गरीब परिवारों के बच्चे बड़े और अच्छे स्कूलों में पढ़ना नहीं चाहते, या फिर व्यवस्था में कहीं कोई कमी है। अदालत ने यह भी आशंका जताई कि कहीं सरकार द्वारा आंकड़ों को लेकर कोई महत्वपूर्ण जानकारी छिपाई तो नहीं जा रही है। इस टिप्पणी ने मामले को और गंभीर बना दिया।

शिक्षा सचिव को शपथ पत्र सहित जवाब के निर्देश

डिवीजन बेंच ने इस पूरे मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए शिक्षा सचिव को निर्देश दिया है कि वे 10 जुलाई तक शपथ पत्र के साथ विस्तृत जवाब प्रस्तुत करें। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि RTE कानून के क्रियान्वयन में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और सरकार को पारदर्शिता बनाए रखनी होगी।

RTE सीटों की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध कराने के आदेश

हाई कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि RTE के तहत उपलब्ध सीटों और प्रवेश प्रक्रिया की पूरी जानकारी ऑनलाइन सार्वजनिक की जाए, ताकि अभिभावकों को सही समय पर जानकारी मिल सके और किसी तरह की भ्रम की स्थिति न बने। अदालत ने माना कि पारदर्शिता की कमी भी आवेदन कम आने का एक बड़ा कारण हो सकती है।

क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
छत्तीसगढ़
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग
दुर्ग संभाग
बिलासपुर संभाग
सरगुजा संभाग
बस्तर संभाग
देश
विदेश
सरकारी सूचना
राजनीति
खेल
मनोरंजन
कारोबार
कीर्तिमान विशेष
तकनीक शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
अभी कोई रील उपलब्ध नहीं है
टिप्पणियाँ
शेयर करें
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें