राजधानी दिल्ली को मेडिकल एजुकेशन और स्वास्थ्य सेवाओं का ग्लोबल हब बनाने की दिशा में दिल्ली सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई व्यय वित्त समिति (EFC) की महत्वपूर्ण बैठक में द्वारका स्थित इंदिरा गांधी अस्पताल परिसर के भीतर एक अत्याधुनिक मेडिकल कॉलेज और हॉस्टल निर्माण की परियोजना को हरी झंडी दे दी गई है।
शिक्षा और उपचार का संगम: 806 करोड़ का निवेश
इस महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य परियोजना पर सरकार 805.99 करोड़ रुपये खर्च करने जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य न केवल बेहतर इलाज उपलब्ध कराना है, बल्कि देश को कुशल डॉक्टर भी देना है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस मेडिकल कॉलेज का निर्माण राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NMC) के कड़े मानकों के अनुसार किया जाएगा, ताकि छात्रों को विश्वस्तरीय शिक्षा मिल सके।
बढ़ेंगी सीटें: कॉलेज के पूर्ण रूप से चालू होने पर दिल्ली में हर साल 250 एमबीबीएस सीटों का इजाफा होगा।
शुरुआती चरण: पहले सत्र की शुरुआत 150 छात्रों के साथ की जाएगी।
समयसीमा: सरकार ने निर्माण कार्य को 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
कैसा होगा नया कैंपस? (1.17 लाख वर्ग मीटर का विस्तार)
यह नया शैक्षणिक परिसर लगभग 1.17 लाख वर्ग मीटर के विशाल क्षेत्र में फैला होगा। इसमें छात्रों के लिए एकेडमिक ब्लॉक के साथ-साथ अलग से हॉस्टल और फैकल्टी के लिए रेजिडेंशियल ब्लॉक का निर्माण किया जाएगा।
आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल सुविधाएं:
ग्रीन बिल्डिंग: पूरी परियोजना में पर्यावरण संरक्षण का ध्यान रखा जाएगा, जिसमें सोलर पावर प्लांट और वॉटर रीसाइक्लिंग सिस्टम शामिल होंगे।
स्मार्ट डिजाइन: इमारतों को भूकंपरोधी और दिव्यांगों के अनुकूल बनाया जाएगा। साथ ही, प्राकृतिक रोशनी और वेंटिलेशन का विशेष प्रबंध होगा।
पार्किंग: परिसर में बेसमेंट पार्किंग की व्यवस्था होगी ताकि अस्पताल आने वाले लोगों को असुविधा न हो।
द्वारका और बाहरी दिल्ली को मिलेगा सीधा लाभ
वर्तमान में द्वारका का इंदिरा गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल डॉक्टरों की कमी के कारण अपनी पूरी क्षमता से काम नहीं कर पा रहा है। मेडिकल कॉलेज के अस्तित्व में आने से अस्पताल को रेजिडेंट डॉक्टर और इंटर्न उपलब्ध होंगे, जिससे अस्पताल की कार्यक्षमता कई गुना बढ़ जाएगी।
इससे न केवल द्वारका के निवासियों को, बल्कि बाहरी दिल्ली और आसपास के इलाकों से आने वाले लाखों मरीजों को विशेषज्ञ इलाज मिल सकेगा। लोक निर्माण विभाग (PWD) को निर्देश दिए गए हैं कि वे निर्माण की गुणवत्ता और समयसीमा पर कड़ी निगरानी रखें। स्वास्थ्य विभाग इस पूरे प्रोजेक्ट की प्रगति की मॉनिटरिंग करेगा।
"हमारा लक्ष्य दिल्ली को मेडिकल एजुकेशन का प्रमुख केंद्र बनाना है, ताकि भविष्य में दिल्ली का अपना स्वास्थ्य मॉडल पूरी दुनिया के लिए मिसाल बने।" - रेखा गुप्ता, मुख्यमंत्री
