कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने आज आयोजित समय-सीमा की बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार, अपर कलेक्टर सचिन भूतड़ा, रवि साहू सहित सभी एसडीएम, तहसीलदार, जनपद पंचायत सीईओ, सीएमओ एवं जिला स्तरीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।
बैठक में कलेक्टर ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत शेष किसानों का एग्रीस्टैक पंजीयन जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी एसडीएम, तहसीलदार, राजस्व एवं कृषि विभाग के मैदानी अमले को शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में बताया गया कि सीएम हेल्पलाइन के तहत जिले में अब तक 758 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें एल-1 स्तर पर 319 आवेदनों का निराकरण किया जा चुका है और नागरिकों का फीडबैक लंबित है। कलेक्टर ने अधिकारियों को पोर्टल पर नियमित लॉगिन कर समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण शिकायत निपटान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
खरीफ तैयारियों, खाद उपलब्धता और फसल विविधीकरण पर जोर
खरीफ सीजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने खाद एवं बीज की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने और किसानों को समय पर खाद वितरण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने यूरिया और डीएपी के संतुलित उपयोग के साथ नैनो यूरिया एवं प्राकृतिक खाद को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। सहकारी समितियों में उपलब्ध खाद का नियमित भौतिक सत्यापन करने पर भी जोर दिया गया। साथ ही बड़े किसानों को धान के रकबे में कमी कर वैकल्पिक फसलों की ओर प्रेरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले के लगभग 8,500 किसानों से ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी एवं आरईएओ लगातार संपर्क कर फसल विविधीकरण के लिए प्रेरित करें, जिससे जल संरक्षण और किसानों की आय में वृद्धि हो सके। बैठक में धान उठाव और राइस मिलों द्वारा चावल जमा कराने की प्रगति की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर श्री लंगेह ने विद्युत विभाग को निर्देश दिए कि बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में आम नागरिकों को कारण और बिजली बहाल होने का संभावित समय समय पर बताया जाए। उन्होंने कहा कि इससे लोगों को अनावश्यक परेशानी से बचाया जा सकेगा। साथ ही अधिकारियों को फोन कॉल प्राप्त होने पर तत्काल रिस्पॉन्स देने के भी निर्देश दिए।राजस्व मामलों के त्वरित निपटारे पर विशेष जोर
बैठक में कलेक्टर ने राजस्व विभाग को सीमांकन, अविवादित खाता विभाजन तथा अन्य लंबित राजस्व प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लंबित मामलों के समाधान के लिए विशेष अभियान चलाया जाए और सभी प्रकरणों का समय-सीमा के भीतर निपटारा सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टर ने सभी एसडीएम को सेवा सेतु केंद्रों का नियमित निरीक्षण करने तथा आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र निर्धारित समय-सीमा में जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को समय पर सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
ई-ऑफिस प्रणाली का कड़ाई से पालन और लंबित मामलों की समीक्षा
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि शासन के निर्देशानुसार ई-फाइल प्रणाली अनिवार्य रूप से लागू हो चुकी है और अब मैनुअल फाइल संचालन प्रतिबंधित रहेगा। उन्होंने सभी विभागों को ई-ऑफिस एवं ई-फाइल प्रणाली का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में नक्शा बटांकन, सीमांकन, नामांकन, मुख्यमंत्री घोषणाओं, कलेक्टर जनदर्शन, पीजी पोर्टल, लोक सेवा गारंटी अधिनियम, पेयजल व्यवस्था, प्रधानमंत्री आवास योजना एवं जन शिकायतों की समीक्षा करते हुए सभी अधिकारियों को लंबित प्रकरणों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।