महासमुंद जिले में ग्रामीण क्षेत्रों को स्वच्छ और साफ-सुथरा बनाने के लिए घर-घर कचरा संग्रहण अभियान को लगातार मजबूत किया जा रहा है। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हेमंत रमेश नंदनवार नियमित रूप से इस व्यवस्था की समीक्षा कर रहे हैं। साथ ही सभी ग्राम पंचायतों को स्वच्छता संबंधी गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के तहत जनपद पंचायत बसना की ग्राम पंचायत बिछिया (पो) में स्वच्छाग्रही समूह की महिलाएं प्रतिदिन घर-घर जाकर सूखे और गीले कचरे का अलग-अलग संग्रहण कर रही हैं।
गांव में स्वच्छता व्यवस्था को नई गति मिली
ग्रामीण भी इसमें बढ़-चढ़कर सहयोग कर रहे हैं। हर सुबह स्वच्छता दीदियां गार्बेज रिक्शा के माध्यम से गांव की गलियों में पहुंचती हैं। इस दौरान स्वच्छता से जुड़े संदेशऔर प्रेरक गीतों के जरिए लोगों को जागरूक किया जाता है। घरों से नियमित रूप से कचरा एकत्र कर ग्रामीणों को साफ-सफाई बनाए रखने और कचरे को अलग-अलग रखने की भी समझाइश दी जा रही है। संग्रहित कचरे को ग्राम पंचायत के एसएलडब्ल्यूएम (ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन) केंद्र में लाकर अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित किया जाता है। यहां गीले और सूखे कचरे को पृथक किया जाता है, जबकि प्लास्टिक कचरे को अलग रखकर आगे प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट गनेकेरा भेजने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।प्रतिनिधियों का मिल रहा है सहयोग
इस अभियान को सफल बनाने में ग्राम पंचायत की सरपंच रीना गड़तिया, सचिव मेघनाथ पटेल तथा जनपद सदस्य राजेश गड़तिया सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। वे स्वच्छाग्रही समूह की महिलाओं को आवश्यक सहयोग और मार्गदर्शन उपलब्ध करा रहे हैं, जिससे अभियान प्रभावी ढंग से संचालित हो रहा है। स्वच्छता दीदियों की लगातार मेहनत का सकारात्मक असर अब गांव में दिखाई देने लगा है। लोग घरों से निकलने वाले कचरे को अलग-अलग रखने की आदत अपना रहे हैं और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के लिए अभियान में सहयोग कर रहे हैं। इससे न केवल गांव की साफ-सफाई बेहतर हो रही है, बल्कि ग्रामीणों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता भी लगातार बढ़ रही है।