अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को लेकर तीखा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यदि अमेरिका चाहे तो ईरान के शीर्ष नेतृत्व को एक ही सैन्य कार्रवाई में निशाना बना सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसा करना अमेरिका की मंशा नहीं है, क्योंकि वह भविष्य में ईरान के साथ बातचीत की संभावना बनाए रखना चाहता है।
ट्रंप बोले- बातचीत के लिए नेतृत्व का बचा रहना जरूरी
न्यूज वेबसाइट Axios को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि ईरान के वरिष्ठ नेता इस समय पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार कार्यक्रम में एक साथ मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका चाहे तो सभी को एक साथ निशाना बना सकता है, लेकिन ऐसा नहीं करेगा क्योंकि फिर वार्ता के लिए कोई नेतृत्व शेष नहीं रहेगा।
अंतिम संस्कार में उमड़ी भीड़ पर जताई हैरानी
ट्रंप ने खामेनेई के अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि ईरानी जनता खामेनेई के प्रति नाराज होगी, लेकिन अंतिम यात्रा में बड़ी भीड़ और लोगों को भावुक होते देखकर उन्हें आश्चर्य हुआ। ट्रंप ने यह भी कहा कि यह समझ पाना मुश्किल है कि लोगों की भावनाएं वास्तविक थीं या नहीं।
ईरानी दूतावास ने दिया तीखा जवाब
ट्रंप के बयान पर आर्मेनिया स्थित ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया देते हुए उनकी आलोचना की। दूतावास ने लिखा कि जिन लोगों के पास सभ्यता, इतिहास और सम्मान की समझ नहीं होती, वे ऐसी भावनाओं को नहीं समझ सकते।
स्वतंत्रता दिवस पर भी साधा था निशाना
इससे पहले अमेरिका के स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान भी ट्रंप ने ईरान पर हमला बोलते हुए दावा किया था कि अमेरिका ने ईरान को गंभीर नुकसान पहुंचाया है और अब तेहरान समझौते के लिए मजबूर हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका ने मानवीय आधार पर अंतिम संस्कार के लिए ईरान को समय दिया।
ईरान की अमेरिका और इजरायल को चेतावनी
दूसरी ओर, ईरान के सैन्य अधिकारियों ने अमेरिका और इजरायल को सख्त संदेश दिया है। सैन्य कमांडर अली अब्दोल्लाही ने कहा कि यदि ईरान के खिलाफ किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई की गई तो उसका जवाब तुरंत और पूरी ताकत से दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि तेहरान अपने राष्ट्रीय हितों और नेतृत्व की सुरक्षा के लिए हर कदम उठाने को तैयार है।
9 जुलाई तक जारी रहेंगे अंतिम संस्कार के कार्यक्रम
अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम 3 जुलाई से शुरू हुए हैं और 9 जुलाई तक चलने की जानकारी सामने आई है। इस दौरान तेहरान के अलावा मशहद, कोम और इराक के कुछ धार्मिक स्थलों पर भी श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अंतिम रूप से उन्हें उनके पैतृक शहर मशहद में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।
विदेश मंत्री ने भी दी थी चेतावनी
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि यदि देश के नेतृत्व या जनता को निशाना बनाने की कोई कोशिश हुई तो ईरान उसका कड़ा और तत्काल जवाब देगा। उनका यह बयान उस समय आया था जब इजरायल के रक्षा मंत्री की ओर से मोजतबा खामेनेई को लेकर विवादित टिप्पणी सामने आई थी।
सुरक्षा कारणों से मोजतबा खामेनेई के शामिल होने पर संशय
रिपोर्टों के अनुसार, सुरक्षा कारणों से अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई के सार्वजनिक रूप से अंतिम संस्कार में शामिल होने की संभावना बेहद कम बताई जा रही है। भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि आयतुल्ला हकीम इलाही ने भी कहा था कि सुरक्षा एजेंसियां उनकी सुरक्षा की पूरी गारंटी नहीं दे सकतीं, इसलिए उनकी सार्वजनिक मौजूदगी सीमित रह सकती है।