रायपुर (ग्रामीण) पुलिस ने मंदिर हसौद थाना क्षेत्र में हुई दो लूट की वारदातों का महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। पुलिस ने एक ही गिरोह के तीन शातिर लुटेरों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से धारदार चाकू, लूटे गए मोबाइल फोन, नगदी और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद की गई है।
जब्त सामान की कुल कीमत करीब 1.50 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने 15 जुलाई 2026 की शाम लगातार दो लूट की घटनाओं को अंजाम देकर इलाके में दहशत फैला दी थी। दोनों वारदातों का तरीका लगभग एक जैसा था, जिससे पुलिस को शुरुआती जांच में ही एक ही गिरोह पर शक हो गया।
मोबाइल मांगकर चाकू की नोक पर लूट
पहली घटना शाम करीब 6:30 बजे की है। अमरजीत सिंह अपने साथी रमन लाल के साथ ग्राम सेरीखेड़ी से पैदल मुख्य सड़क की ओर जा रहे थे। विष्णु नगर मुर्गी फार्म हाउस के पास बाइक सवार तीन युवकों ने फोन करने के बहाने मोबाइल मांगा। इनकार करने पर आरोपियों ने कॉलर पकड़ लिया, चाकू दिखाकर धमकाया और ओप्पो कंपनी का मोबाइल तथा पर्स में रखे 1,200 रुपये लूटकर फरार हो गए।
नहर किनारे राहगीर को बनाया शिकार
पहली घटना के कुछ देर बाद बदमाशों ने मंदिर हसौद से नवा रायपुर जाने वाली नहर के पास मिथलेश कुमार को घेर लिया। मिथलेश अपनी गाड़ी खड़ी कर लघुशंका के लिए रुके थे। आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए चाकू दिखाया और वीवो कंपनी का मोबाइल तथा जेब में रखे 1,700 रुपये लूटकर मौके से फरार हो गए। दोनों घटनाओं के बाद मंदिर हसौद थाने में अपराध क्रमांक 340/26 और 341/26 दर्ज किए गए। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 309(4) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

सीसीटीवी फुटेज और वारदात के तरीके
लगातार हुई इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए रायपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा ने तत्काल आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए। थाना प्रभारी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की और पीड़ितों से आरोपियों का हुलिया जाना। जांच में सामने आया कि दोनों घटनाओं में एक ही मोटरसाइकिल, चेहरे पर बंधा स्कार्फ और वारदात का तरीका समान था।
तकनीकी साक्ष्यों के आगे टूटे आरोपियों के झूठ
मुखबिरों से मिली सूचना और साइबर सेल की तकनीकी मदद से पुलिस ने ग्राम सेरीखेड़ी से तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पहले पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के सामने उन्होंने दोनों लूट की घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली।
पुराने आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाल रही पुलिस
2 लूटे गए मोबाइल फोन (ओप्पो और वीवो) 520 रुपये नकद वारदात में इस्तेमाल किया गया धारदार चाकू स्प्लेंडर मोटरसाइकिल (CG 04 QL 4682) बरामद सामान की कुल अनुमानित कीमत करीब 1.50 लाख रुपये आंकी गई है। रायपुर ग्रामीण पुलिस की त्वरित कार्रवाई से इलाके के लोगों ने राहत की सांस ली है। पुलिस अब तीनों आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य मामलों में उनकी संभावित संलिप्तता की भी जांच कर रही है।