हैवानियत : किताब दिलाने के बहाने शिक्षक ने किया छात्रा से दुष्कर्म, तोरवा में गैंगरेप
पहली घटना (तोरवा थाना क्षेत्र): यहाँ दो दिनों से लापता एक नाबालिग लड़की रेलवे स्टेशन के पास बदहाल स्थिति में मिली। पीड़िता के अनुसार, एक नाबालिग दोस्त उसे घुमाने के बहाने सुनसान जगह पर ले गया और वहाँ अपने दो अन्य दोस्तों के साथ मिलकर सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) किया। पुलिस ने मुख्य आरोपी को पकड़ लिया है और फरार अन्य दो की तलाश जारी है।
बिलासपुर जिले में कानून-व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा को ठेंगा दिखाने वाले दो बेहद खौफनाक मामले सामने आए हैं। शहर के दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दो नाबालिग बच्चियों को हवस का शिकार बनाया गया है। दिल दहला देने वाली पहली घटना तोरवा थाना क्षेत्र की है, जहां एक नाबालिग लड़के ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया। वहीं, दूसरी झकझोर देने वाली घटना सिरगिट्टी क्षेत्र की है, जहां शिक्षा के मंदिर को कलंकित करते हुए एक कलयुगी शिक्षक ने अपनी ही छात्रा की आबरू लूट ली। दोनों ही मामलों में पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।
अपहरण की शिकायत से खुला राज
तोरवा थाना क्षेत्र की रहने वाली एक नाबालिग बच्ची अचानक लापता हो गई थी। दो दिनों तक जब उसका कुछ पता नहीं चला, तो बदहवास परिजनों ने थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल अज्ञात के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कर खोजबीन शुरू की। तलाश के दौरान पुलिस को सफलता तब मिली जब बच्ची रेलवे स्टेशन परिसर के पास बेहद डरी-सहमी और बदहाल स्थिति में पाई गई। पुलिस ने तुरंत परिजनों को सूचित कर उसे रेस्क्यू किया। जब बच्ची की काउंसिलिंग की गई, तो उसने जो आपबीती सुनाई उसे सुनकर पुलिस के भी होश उड़ गए।
मुख्य आरोपी गिरफ्तार
पीड़िता ने बताया कि उसकी जान-पहचान के एक नाबालिग लड़के ने उसे पहले घुमाने के बहाने साथ लिया। इसके बाद वह उसे एक सुनसान इलाके में ले गया, जहां उसने अपने दो अन्य दोस्तों को भी बुला लिया। वहां तीनों ने मिलकर उसके साथ सामूहिक अनाचार (गैंगरेप) किया। तोरवा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य नाबालिग आरोपी को अभिरक्षा में ले लिया है, जबकि वारदात में शामिल उसके अन्य दो फरार दोस्तों की तलाश में पुलिस टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।
दूसरा मामला सिरगिट्टी थाना क्षेत्र का है, जिसने गुरु और शिष्य के पवित्र रिश्ते को तार-तार कर दिया है। पुलिस के अनुसार, यह खौफनाक वारदात पिछले साल दिसंबर महीने की है। पीड़ित छात्रा जब स्कूल से अकेली घर लौट रही थी, तभी उसके निजी स्कूल के शिक्षक राहुल बंगारू ने उसे रास्ते में रोक लिया। आरोपी शिक्षक ने छात्रा को पढ़ाई की 'पुस्तक दिलाने' का झांसा दिया और उसे एक होटल के कमरे में ले गया, जहां उसने नाबालिग की लाचारी का फायदा उठाकर उसके साथ दुष्कर्म किया।
डर के साए में कटी रातें
इस घिनौनी वारदात के बाद आरोपी शिक्षक ने बच्ची को मुंह बंद रखने और अंजाम भुगतने की धमकी दी थी। लोक-लाज और डर के मारे सहमी मासूम महीनों तक इस खौफनाक सच को अपने सीने में दबाए रही। लेकिन घुट-घुट कर जीने के बाद आखिरकार छात्रा ने हिम्मत जुटाई और रोते हुए अपने माता-पिता को आपबीती सुनाई। बेटी के साथ हुई इस हैवानियत को सुनकर माता-पिता के पैरों तले जमीन खिसक गई। पीड़िता के पिता ने तुरंत सिरगिट्टी थाने पहुंचकर आरोपी शिक्षक के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी शिक्षक राहुल बंगारू को पॉक्सो एक्ट और दुष्कर्म की संगीन धाराओं के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।