Viksit Bharat: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने युवाओं की क्षमता और योगदान को देश के विकास का अहम आधार बताया है। उन्होंने कहा कि युवाओं के निरंतर प्रयासों और नवाचारों के दम पर भारत 2047 से पहले ही विकसित राष्ट्र बनने का लक्ष्य हासिल कर सकता है। राष्ट्रपति मुर्मू बुधवार को वडोदरा स्थित महाराजा सयाजीराव विश्वविद्यालय, बड़ौदा के 75वें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना नहीं, बल्कि ज्ञान और कौशल का उपयोग समाज एवं राष्ट्र के कल्याण के लिए करना है।
राष्ट्रपति ने कहा कि वर्तमान समय में हर क्षेत्र तेजी से तकनीकी बदलावों से गुजर रहा है। ऐसे दौर में देश और समाज के सामने मौजूद चुनौतियों का समाधान बहुविषयक सोच और अलग-अलग क्षेत्रों के आपसी सहयोग से ही संभव है। उन्होंने शिक्षा समेत विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी की भी सराहना की। राष्ट्रपति ने कहा कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी देश की प्रगति को नई दिशा दे रही है।
12,600 से अधिक छात्रों को मिली उपाधियां
दीक्षांत समारोह के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 12,600 से अधिक विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान कीं। वहीं, 160 विद्यार्थियों को कुल 201 स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने भी डिग्री प्राप्त करने वाले सभी छात्रों को शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।गुजरात दौरे पर राष्ट्रपति, कई कार्यक्रमों में होंगी शामिल
राष्ट्रपति मुर्मू अपने दो दिवसीय गुजरात दौरे के दौरान वडोदरा में ब्रह्मा कुमारिस के ग्लोबल स्पिरिचुअल पैलेस रिट्रीट सेंटर का उद्घाटन करेंगी। इस अवसर पर वह "विश्व नवीकरण के लिए आध्यात्मिक जागरण" परियोजना की शुरुआत करेंगी। इसके साथ ही "विकसित भारत के लिए युवा: राष्ट्र निर्माण के लिए आंतरिक शक्ति का जागरण" अभियान का वर्चुअल शुभारंभ भी करेंगी।
