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बाजार में बिकता दुर्लभ जंगली मशरूम बोड़ा
बाजार में बिकता दुर्लभ जंगली मशरूम बोड़ा
जगदलपुर (बस्तर)

व्हाइट गोल्ड : मानसून की पहली बारिश में बस्तर का बोड़ा बना सोने जैसा, बाजार में मची लूट

मानसून की पहली बारिश के साथ बस्तर के जंगलों में उगने वाला दुर्लभ प्राकृतिक फंगस बोड़ा बाजारों में पहुंचते ही चर्चा का विषय बन जाता है। साल वृक्षों की जड़ों के पास मिलने वाला यह मशरूम अपने खास स्वाद, पोषण और सीमित उपलब्धता के कारण बेहद महंगा बिकता है। इसकी कीमत कभी 2000 तो कभी 5000 रुपये प्रति किलो तक पहुंच जाती है।

कीर्तिमान डेस्क
कीर्तिमान डेस्क
20 Jun 2026, 04:52 PM
बस्तर

मानसून की पहली बारिश के साथ ही Bastar के बाजारों में एक बेहद खास और दुर्लभ प्राकृतिक उत्पाद की धूम मच जाती है। इसे खरीदने के लिए लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिलता है। यह कोई सामान्य सब्जी नहीं, बल्कि जंगलों से मिलने वाला एक खास फूड आइटम है, जिसकी मांग हर साल बारिश के मौसम में अचानक बढ़ जाती है। 

बाजार में पहुंचते ही यह कुछ ही घंटों में पूरी तरह बिक जाता है। इस समय बस्तर के बाजारों में बोड़ा की कीमत करीब 2000 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई है। कुछ दिन पहले यही कीमत लगभग 5000 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई थी। कीमत चाहे जितनी भी हो, इसकी बिक्री पर कोई असर नहीं पड़ता।

क्या है बोड़ा और कहां मिलता है?

बोड़ा एक प्रकार का प्राकृतिक फंगस (जंगली मशरूम) है, जो साल (सरई) वृक्षों की जड़ों के आसपास जमीन के अंदर विकसित होता है। पहली बारिश के बाद जब मिट्टी में नमी और उमस बढ़ती है, तब यह अचानक जमीन से बाहर निकलता है। दिखने में साधारण होने के बावजूद इसका स्वाद और पोषण मूल्य इसे बेहद खास बनाता है। यह मुख्य रूप से जंगलों में पाया जाता है, जहां इसे ढूंढना आसान काम नहीं होता। स्थानीय आदिवासी समुदाय सदियों से बोड़ा को जंगल का अनमोल उपहार मानता आया है। इसे खोजने के लिए विशेष अनुभव और जंगल की समझ की जरूरत होती है। ग्रामीण लोग पेड़ों, मिट्टी और मौसम के संकेतों को समझकर ही इसकी पहचान कर पाते हैं। यही कारण है कि इसे ढूंढना किसी खजाने की तलाश से कम नहीं माना जाता।

सीमित सीजन में लाखों का कारोबार

बोड़ा का सीजन बहुत छोटा होता है, जो केवल 20 से 30 दिनों तक ही चलता है। इसी सीमित अवधि में इसका बड़ा कारोबार होता है। स्थानीय व्यापारियों के अनुसार हर साल इस छोटे से सीजन में लगभग 50 लाख रुपए या उससे अधिक का व्यापार हो जाता है। 

कम समय में इतनी बड़ी मांग इसे बस्तर की सबसे खास और महंगी वन उपज में शामिल कर देती है। ग्रामीण और शहरी दोनों ही इलाकों के लोग इसे खरीदने के लिए उत्सुक रहते हैं। जैसे ही यह बाजार में आता है, तुरंत ही स्टॉक खत्म हो जाता है।

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