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अंधेरे में डूबा अमूवारीपारा गांव का सोलर प्लांट
अंधेरे में डूबा अमूवारीपारा गांव का सोलर प्लांट
सूरजपुर

अंधेरे में डूबा अमूवारीपारा : 9 महीने से बंद पड़ा सोलर पावर प्लांट, गर्मी में तड़प रहे ग्रामीण

सूरजपुर जिले के दूरस्थ आदिवासी गांव अमूवारीपारा में पिछले 9 महीनों से सोलर पावर प्लांट बंद पड़ा है, जिससे ग्रामीण अंधेरे में जीवन बिताने को मजबूर हैं। भीषण गर्मी के बीच बिजली नहीं होने से बच्चों की पढ़ाई, मोबाइल चार्जिंग और दैनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों ने क्रेड़ा विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कई बार शिकायत करने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने की बात कही है। गांव में अंधेरे के कारण जंगली जानवरों का खतरा भी बढ़ गया है। ग्रामीणों ने कलेक्टर से तत्काल मरम्मत की मांग करते हुए जल्द समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।

कीर्तिमान डेस्क
कीर्तिमान डेस्क
14 May 2026, 01:24 PM
📍 सूरजपुर

छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के दूरस्थ पहाड़ी और आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र चांदनी बिहारपुर अंतर्गत ओड़गी विकासखंड के ग्राम पंचायत उमझर के आश्रित ग्राम अमूवारीपारा में स्थापित सोलर पावर प्लांट पिछले 9 महीनों से बंद पड़ा हुआ है। विभागीय लापरवाही के चलते गांव के आदिवासी परिवार अंधेरे में जीवन बिताने को मजबूर हैं। बिजली व्यवस्था ठप होने से ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी बुरी तरह प्रभावित हो रही है।

क्षेत्र में इन दिनों भीषण गर्मी और उमस भरे मौसम ने लोगों की परेशानियां और बढ़ा दी हैं। बिजली नहीं होने के कारण ग्रामीणों को रात के समय भी राहत नहीं मिल पा रही है। छोटे बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं सबसे ज्यादा परेशान हैं। गांव के लोगों ने बताया कि मोबाइल चार्जिंग, बच्चों की पढ़ाई और घरेलू कामकाज पूरी तरह प्रभावित हो चुके हैं। रात होते ही पूरा गांव अंधेरे में डूब जाता है।

“शहर में 10 मिनट बिजली जाए तो हड़कंप, यहां 9 महीने से अंधेरा”

ग्रामीणों का कहना है कि शहरों में कुछ मिनटों की बिजली कटौती पर लोग परेशान हो जाते हैं, लेकिन अमूवारीपारा के लोग पिछले 9 महीनों से बिना बिजली के जीवन यापन कर रहे हैं। बिजली नहीं होने से ग्रामीण आधुनिक सुविधाओं से पूरी तरह कट गए हैं और उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने बताया कि गांव चारों ओर से जंगलों से घिरा हुआ है। अंधेरे की वजह से रात के समय जंगली जानवरों का खतरा लगातार बना रहता है। कई बार ग्रामीणों को रात में बाहर निकलने में भी डर लगता है। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।

शिकायतों के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई

ग्रामीण नरपति सिंह, मुस्कान सिंह, महेंद्र सिंह, सरनाम सिंह, बीर सिंह, मोहर सिंह और अफ्रीका सिंह ने बताया कि उन्होंने कई बार संबंधित विभाग और अधिकारियों को शिकायत दी, लेकिन अब तक कोई सुधार कार्य नहीं कराया गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि क्रेड़ा विभाग के जिम्मेदार अधिकारी समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।

ग्रामीणों ने सूरजपुर कलेक्टर से मांग की है कि बंद पड़े सोलर पावर प्लांट की तत्काल मरम्मत कर बिजली व्यवस्था बहाल की जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। वहीं, क्रेड़ा विभाग के ओड़गी ब्लॉक प्रभारी घनश्याम से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया।

दर्जनों गांवों में अब भी नहीं पहुंची बिजली

बताया जा रहा है कि इस इलाके के दर्जनभर से अधिक गांव आज भी बिजली सुविधा से वंचित हैं। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण इन गांवों तक सामान्य विद्युत लाइन नहीं पहुंच सकी है। ऐसे में कुछ साल पहले सोलर पावर प्लांट लगाकर गांवों में बिजली पहुंचाने की पहल की गई थी।

ग्रामीणों का आरोप है कि समय पर मरम्मत और नियमित देखरेख नहीं होने के कारण सोलर पावर प्लांट धीरे-धीरे बंद होने की कगार पर पहुंच चुके हैं। इसका सीधा असर ग्रामीणों के जीवन पर पड़ रहा है। लोग मोबाइल फोन, टीवी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं, जिससे वे सूचना और संचार सुविधाओं से भी कटते जा रहे हैं।

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